दुर्गा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जाना किन्नरों का इतिहास
रायपुर । दुर्गा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जाना किन्नरों का इतिहास 12.12. 2022 को मितवा संकल्प समिति एवं राष्ट्रीय सेवा योजना दुर्गा महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में विद्यार्थियों के साथ “ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में रवीना बरिहा सदस्य तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ शासन एवं विद्या राजपूत अध्यक्ष मितवा संकल्प सेवा समिति कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ प्रतिभा मुखर्जी साहू कार ने की कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत उद्बोधन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी सुनीता चंसोरिया ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में किन्नरों का इतिहास यहां के छात्र ताम्रध्वज रहे आज रवीना बरिहा बताएंगी किन्नरों का इतिहास अंग्रेज शासन काल के पहले एवं बाद में क्या स्थिति बनी विद्या व रवीना दोनों किस तरह से शासन प्रशासन से अपने समाज के लिए अपनी बात रख कर आज इस स्थिति में पहुंची हैं दुर्गा महाविद्यालय अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा है कि आज रवीना हमारे बीच में आई है मुख्य वक्ता के रूप में रवीना ने बताया कि वह इस कॉलेज के विद्यार्थी रही हैं और वह जब इस कॉलेज में पढ़ती थी तब उनके साथ सम्मान पूर्वक व्यवहार किया जाता था लेकिन स्कूली जीवन में उन्हें काफी अपमान सहना पड़ा है एवं उनके साथ कोई खेलता नहीं था आपने बताया कि 3000 वर्ष पूर्व के इतिहास को हम देखें तो किन्नरों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था रामायण, महाभारत, मुगल शासन, क्रिश्चियन समुदाय, बौद्ध समुदाय में भी सम्मान पूर्वक व्यवहार किया जाता था अंग्रेजों के काल में 1871अपराधिक जनजाति अधिनियम के कारण ट्रांसजेंडर की स्थिति खराब हुई है हमारी प्राचीन संस्कृत भाषा में 3 जेंडर का उल्लेख है स्त्रीलिंग पुल्लिंग एवं उभयलिंगी पर अगर हम बात करें हैं हिंदी और अंग्रेजी की तो उसमें सिर्फ दो ही लिंग की बात है समाज में ट्रांसजेंडर व्यक्ति को कई तरह की सामाजिक आर्थिक शैक्षिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के बाद केंद्र सरकार के द्वारा ट्रांसजेंडर अधिनियम पारित करवाया गया साथ ही इस एक्ट के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई दूसरे वक्ता के रूप में विद्या राजपूत अध्यक्ष मितवा संकल्प सेवा समिति ने भी अपनी जीवनी में बताया कि किस तरह से स्कूल में उनके साथ एवं घरवालों का व्यवहार होता था आज वह शेल्टर होम हो गरिमा गृह का संचालन कर रही है जहां पर ट्रांसजेंडर रहकर पढ़ाई लिखाई के साथ अपने इंटरेस्ट के विषयों पर प्रशिक्षण लेते हैं उसके बाद उन्हें जॉब दिलाया जाता है आज पुलिस विभाग में वेदांता, बाल्को, शुभम के मार्ट आदि अन्य स्थानों पर काम कर यह अपनी जीविकोपार्जन कर रहे हैं कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉक्टर प्रतिभा मुखर्जी साहूकार ने कहां की यह समुदाय समाज से बहिष्कृत रहे हैं पर आज की स्थिति में थोड़ा बदलाव आया है और आने वाले समय में स्थितियां बदलेंगे साथ ही विद्यार्थियों से यह अपील की इस समुदाय के लोगों का आपको पता चलता है तो आप उनसे अच्छा व्यवहार करें एवं यह जो नए एक्ट के तहत छत्तीसगढ़ सरकार एवं केंद्र शासन की योजनाएं है उन्हें बताएं व उन्हें लाभ दिलाने का प्रयत्न करें उनके साथ समान व्यवहार करें अंत में आभार प्रदर्शन डॉक्टर रोशनी मिश्रा हिंदी विभाग ने किया अपने वक्तव्य में कहा आपके द्वारा किए गए कार्यों के आगे हम नतमस्तक हैं इस तरह की जागरूकता कार्यशाला से अपनी समस्या लोगों तक पहुंचाना संभव है साथ ही विद्यार्थियों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया
