रायपुर । देश के वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जनता दल यूनाइटेड , छत्तीसगढ के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि शरद जी के जाने से एक युग का अवसान हो गया है अविभाजित मध्यप्रदेश से अपनी राजनैतिक पारी शुरु करने वाले शरद जी काछत्तीसगढ़ से एक विशेष लगाव था
आपातकाल में शरद जी कुछ समय बिलासपुर जेल में भी रहे थे।
छत्तीसगढ़ में उनके निजी मित्रों की भी लंबी सूची है
स्वर्गीय ललित सुरजन , स्वर्गीय रमेश नैयर , स्वर्गीय अमीर अली फरिश्ता ,वरिष्ठ किसान एवं समाजवादी नेता आनंद मिश्रा , सेवा निवृत्त जस्टिस धीरेन्द्र मिश्रा , हरीश केड़िया , सतीश दीवान , शोभा यादव और समर्थकों की भी लंबी सूची है ।
छत्तीसगढ़ आना उन्हें बहुत पसंद था , वे हमेशा कहते थे कि यहां आकर मेरी भूख बढ़ जाती है दिल्ली बहुत प्रदुषित हो गई है इंजीनियर डे पर रायपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में वे आए थे।
इसी प्रकार रविशंकर युनिवर्सिटी के स्थापना दिवस पर कुलपति के. एल. वर्मा ने बहुत आदर के साथ छात्रों के बीच उनका विशेष व्याख्यान आयोजित किया था
स्वर्गीय रामकृष्ण जांगड़े ने रायपुर में आदिवासीयों , मजदूरों और ओबीसी का एक सम्मेलन आयोजित किया था जिसमें शरद जी ने सामाजिक न्याय पर अपना उद्बबोधन दिया था ।रायपुर में जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय का भी उनके हाथों उद्घाटन हुआ था ,
लगे हाथों ये भी उल्लेख करना उचित होगा कि महावीर अग्रवाल फाऊंडेशन के तत्वाधान में छत्तीसगढ़ चेंबर भवन में भी उनका व्याख्यान हुआ था जिसमें तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे
भूपेश बघेल उन्हें अपने राजनैतिक अभिभावक और मार्गदर्शक के रूप में सम्मान देते थे
ढ़ेर सारी स्नेहिल स्मृतियां उमड़- घुमड़ के आ रही हैं
उनके सानिध्य में बहुत कुछ सीखा और पाया है
