*रेल्वे में भाड़े में रियायत से केवल 1500 करोड़ का भार , यह केन्द्र सरकार के लिए बहुत छोटी रकम*
*जैन संवेदना ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री व रेल मंत्री को लिखा पत्र – आगामी बजट में पुनः लागू करें*
रायपुर । जैन संवेदना ट्रस्ट ने देश के आशीर्वाद प्रदाता बुजुर्गों को कोरोना महामारी से पहले मिलने वाले रेल्वे कन्सेशन को आगामी बजट में पुनः चालू करने की मांग से संबंधित पत्र आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व रेल्वे मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव लिखा । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि आजादी के समय से जारी रेल्वे कन्सेशन पुनः लागू न कर नरेन्द्र मोदी सरकार देश के 15 करोड़ सीनियर सिटीजन के साथ अन्याय कर रही है । जबकि सीनियर सिटीजन कन्सेशन से रेल्वे पर केवल 1500 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ता है । वैसे भी रेल्वे ने कोरोना के बाद रेल्वे को कोरोना के दौरान नुकसान हुआ बताकर सभी ट्रेनों को स्पेशल घोषित कर 25 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली की गई व कम दूरी की टिकिटों में 250 रुपये की पेनाल्टी वसूली गई । अभी भी कई रेगुलर ट्रेनें सुपर फास्ट के नाम से चलाकर अधिक किराया वसूली जारी है । कोचर व चोपड़ा ने कहा कि यह केन्द्र सरकार का असंवेदनशील कृत्य है ।और रेल्वे ने इस माध्यम से हजारों करोड़ रुपये की वसूली की है । रेल्वे ने यात्री सुविधाओं को घटाकर ट्रेनों का संचालन किया और किराया बढ़ा कर जनता की जेब में डाका डाला है । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि सभी सुविधाओं को आरम्भ करने के बाद भी केन्द्र सरकार सीनियर सिटीजन के प्रति असंवेदनशील बनी हुई है । *ट्रेनों के पुनः संचालन को आरम्भ करने के बाद रेल्वे ने दो वर्षों में सीनियर सिटीजन के कन्सेशन के 3000 करोड़ से ज्यादा की राशि डकार ली है । जैन संवेदना ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री व रेल्वे मन्त्री को पत्र लिखकर सीनियर सिटीजन के हक का कन्सेशन शीघ्र आरम्भ करने की मांग की है । सीनियर सिटीजन कई माह से कन्सेशन का इंतज़ार कर रहे हैं कइयों को जीवन के अंतिम पड़ाव में तीर्थयात्रा करने का इंतज़ार है । ज्ञात हो कि सीनियर सिटीजन की महिलाओं को 50 प्रतिशत व पुरुषों को 40 प्रतिशत कन्सेशन दिया जाता है जोकि लम्बी दूरी की ट्रेन टिकट में गरीबों के लिए बड़ी राशि है ।








