रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में “बायोमेडिकल इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी: रोडवे फ्रॉम लेबोरेटरी टू मार्केट” (ICBEST-2023) विषय पर दूसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 10-11 फरवरी 2023 तक किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन, मुख्य अतिथि पद्म श्री डॉ. अरुण टी डाबके ने किया, जो एक प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ और वैज्ञानिक हैं। सम्मेलन की मुख्य संरक्षक निदेशिका श्रीमती डॉ. ए. बी. सोनी थीं तथा संरक्षक डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) डॉ. प्रभात दीवान रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. बिकेश कुमार सिंह द्वारा की गई एवं डॉ. सौरभ गुप्ता, डॉ. निशांत कुमार सिंह और डॉ. एम. मारीश्वरन आयोजन के सचिव रहे।
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. अरुण टी दाबके द्वारा किया गया , विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रभात दीवान डीन (शोध व् अधिष्ठाता) और सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. बिकेश कुमार सिंह इस दौरान मौजूद रहे। पद्मश्री डॉ अरुण टी डाबके ने चिकित्सा विज्ञान में प्रौद्योगिकी की भूमिका के बारे में बातचीत की। उन्होंने ग्रामीण जनता तक पहुँचने के लिए किफायती डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म से संबंधित अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित किया।
ICBEST-2023 का उद्देश्य उद्योग और शिक्षा जगत के शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और पेशेवरों को अपने अनुसंधान रुझान, निष्कर्ष और परिणाम साझा करने के लिए एक मंच प्रदान कराना था। दो दिवसीय सम्मेलन में, मुख्य वक्ता अमेरिका के कनेक्टिकट विश्वविद्यालय से डॉ. गुओन झेंग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वाराणसी से डॉ. संजीव कुमार महतो थे। सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. बिकेश कुमार सिंह के अनुसार सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शिक्षाविदों की 35 तकनीकी प्रस्तुतियों सहित 80 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। चयनित शोधपत्रों को पुस्तक अध्याय के रूप में स्कोपस अनुक्रमित स्प्रिंगर पुस्तक श्रृंखला में प्रकाशित किया जाएगा।






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संयुक्त राज्य अमेरिका के कनेक्टिकट विश्वविद्यालय से पहले मुख्य वक्ता प्रोफेसर गुओन झेंग ने कोडेड पाइचोग्राफी की अपनी विशेषज्ञता प्रदान की। द्वितीय मुख्य वक्ता डॉ. संजीव कुमार महतो, एसोसिएट प्रोफेसर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय), वाराणसी ने अपने भाषण में सेल प्रसार, प्रवासन और द्वि-आयामी विकास के लिए त्रि-आयामी सूक्ष्म पर्यावरण के महत्व के बारे में संबोधित किया।
कॉन्फ्रेंस के समापन समारोह के अवसर पर डॉ. बी. के. सिंह ने दो दिवसीय कार्यक्रम का सार दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य, डिपार्टमेंट ऑफ रेडियो डायग्नॉसिस, एम्स रायपुर, डॉ. नरेंद्र कुमार बोधे ने जैव चिकित्सा पर हो रहे कार्यक्रम की सराहना की एवं आयोजन समिति को कार्यक्रम की सफलतापूर्वक आयोजन की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, डॉ. राकेश कुमार त्रिपाठी तथा असिस्टैंट प्रोफेसर, सूचना प्रौद्योगिकी, डॉ. टी. पी. साहू एवं आयोजन समिति के सदस्य मौजूद थे। सभी प्रतिभागियों ने अंत में अपनी प्रतिक्रिया दी ।
बेस्ट रिसर्च पेपर का अवार्ड मि. एन. पी. गुहान शेषाद्री, डॉ. लिपिस्मिता पाणिग्रही, मि. अन्वय एस. पिम्पलकर, कटिंदर कौर, डॉ. पुष्पा गिरी और वंदना नीलेश पगार को मिला।
अंत में सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को प्रमाण पत्र दिए गए और डॉ. निशांत कुमार सिंह द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव दिया गया।
