समय पर उपचार ने बचाई आँखों की रौशनी
रायपुर अप्रैल : रायपुर निवासी दो वर्षीय दिव्यांश राठौर खेलते-खेलते आँखों में रिमोट कार का तार फंसा बैठा। रात ११ बजे श्री गणेश विनायक ऑय हॉस्पिटल में समय पर इलाज मिलने पर , केवल तार उसकी पलक को नुकसान पंहुचा पाया। डॉ चारुदत्त कलमकर और डॉ श्रीनिवास ने समय रहते बड़ी ही सावधानी और धैर्यता के साथ बच्चे का इलाज सफलतापूर्वक करा।
डॉ चारुदत्त कलमकार ने बताया ” तार लगने से आँखों के अंदर के नेत्र गोलक और अंदर की सतहों को खतरा था, जिसकी वजह से आँखों की रौशनी पर असर हो सकता था. समय पर उसको निकाल कर बच्चे को सात दिनों के लिए दवा पर रखा गया। अभी वो पूर्ण रूप से ठीक है। माता पिता से अपील करना चाहूंगा की जब बच्चों खेले उन्हें निगरानी में रखें। कोई भी नुकीली चीज उनको खेलने के लिए नहीं दें। आगे गर्मियों की छुट्टियां हैं , हमे कई बार ऐसे हादसे देखने को मिलते हैं जहाँ बच्चो ने अनजाने में आँखों को काफी नुकसान पंहुचा लिया होता है। कई बार आँखों में पेंसिल या पेन की नोक लगने से भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
“अगर बच्चों की आँखों में कुछ भी लगता है और आप उसकी आँखों से कोई द्रव या खून निकलता देखते हैं , आँखों के आस पास लाली या सूजन दिखता है , देखने में दिक्कत और दर्द है तो आपको नेत्र रोग विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करना चाहिए। कुछ घंटो की देरी से अधिक नुकसान हो सकता है। “ऐसा डॉ चारुदत्त ने बताया।
