रायपुर । इन दिनों छत्तीसगढ़ क्रिकेट में एक ऐसा नाम उभर कर आया है जिसे पूरा छत्तीसगढ़ परिचित है | उसके कारनामों ने ना केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है और पूरे भारतीय क्रिकेट में एक नई पहचान पा रहा है | छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट प्लेट ग्रुप अंडर 16 प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है | इस प्रतियोगिता में नारायणपुर जिला का यश,जहां पर खेल को बहुत अधिक व्यवस्थाएं नहीं है वहां का बालक यश ने दो मैचों में दो लगातार नाबाद ट्रिपल सेंचुरी बनाकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवा लिया और अपने तीसरे मैच में 175 रन नाबाद बनाकर खेल रहा है | लगातार तीन मैचों में तीन सेंचुरी बनाना एक 14 साल के बच्चे के लिए किसी कारनामें से कम नहीं है | यश कुमार वर्धा ने 9 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया है , यश 3 साल पहले जब 11 साल का था तभी छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित अंडर 14 के सिलेक्टरों द्वारा उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे अंडर 14 की प्लेट कंबाइन ग्रुप में खेलने का अवसर दिया और इस अनुभव को लेकर लगातार नारायणपुर में ही रहकर कड़ी मेहनत कर अपने खेल को तथा खेल की बारीकियों को समझते हुए आज एक समझदार व सूझबूझ भरा प्लेयर बन चुका है जिसे आउट करना या उसे रोकना विरोधी टीमों को अत्यधिक मुश्किल हो रहा है | यश छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले नारायणपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा है उसके पिता राम सिंह वर्धा ग्राम पंचायत सचिव है,और माताजी गृहणी है खेल को लेकर माता और पिता दोनों का ही अथक प्रयास रहा है कि यश को बेहतर से बेहतर खेल सुविधाएं मिले तथा वह क्रिकेट में बहुत आगे बढ़े |माता पिता के सहयोग के साथ-साथ छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ का भी बहुत अहम योगदान रहा है छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के द्वारा आयोजित अनेक प्रतियोगिताओं में यश ने अपनी प्रतिभा को निखारने का और आगे बढ़ने के लिए।बहुत मेहनत की है और धीरे धीरे यश केवल छत्तीसगढ़ ही नहीँ बल्कि पूरे देश के लिए एक सुनहरा भविष्य दिख रहा है| यश ओपनर बैट्समैन तथा राइट आर्म लेग स्पिनर बॉलर है यश का कहना है इसका श्रेय उसके परिवार,कोच तथा छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को जाता है जिसने उसे अपनी प्रतिभा को दिखाने का एक मंच दिया |
