रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर स्थित होटल सायाजी में आयोजित सारबोन यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, फ्रांस के कार्यक्रम में शामिल हुए।इस अवसर पर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि फ्रांस की प्रतिष्ठित सोरबोन यूनिर्विसिटी ने छत्तीसगढ़ शासन के विकास कार्यक्रमों को सराहा है, और मुझे आज डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा है, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद दिया और कहा कि फ्रास
के प्रतिष्ठित सारबोन यूनिवर्सिटी ने आज जो प्रदेश के नवाचरी कार्यों के लिए सम्मानित किया है। मैं इसके लिए आभारी हूँ।आज मेरा सम्मान हुआ है। मेरा परिवार भी साथ है। सबसे अच्छी बात है कि मेरा पोता भी साथ है।
. मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पास एक किताब विनोबा जी की है। उसमें उन्होंने लिखा है कि भारत में महात्मा गांधी, रविन्द्र नाथ, रामकृष्ण परमहंस जैसी विभूति रही हैं और उनका योगदान हमारी मनीषा को बनाने में है।
. बिना अस्त्र के लड़ाई की कल्पना संभव है क्या, महात्मा गांधी ने इसे साकार किया।
. अरोबिंदो के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप निर्लिप्त भाव से कर्म करेंगे तो द्वेष रहित होकर काम करेंगे।
. जो लोग नैतिकता को प्रधानता देते हैं। वे धन से दूर होते हैं। श्री माँ ने कहा कि नैतिक लोगों को धन से दूर नहीं होना चाहिए। उनके हाथ में धन होगा तो वे सार्थक उपयोग करेंगे।
. हम ऐसे ही समृद्ध प्रदेश से हैं। भौगोलिक रूप से हम समृद्ध है। हमारे पास जंगल है। हिमालय के बाद सबसे अधिक नाले हमारे यहां हैं।
. खनिज संसाधन हमारे यहां पर्याप्त है। दुनिया भर में बैटरी गाड़ी की डिमांड हो रही है। हमारे यहां लिथियम है।
. आरबीआई के सर्वे के मुताबिक यहां हमारे यहां गरीबी रेखा के नीचे बड़ी आबादी है। उद्योग भी हैं फिर भी गरीबी है। देश के आकांक्षी जिलों में 10 हमारे यहां है जबकि दंतेवाड़ा और कोरबा में प्लांट भी हैं। फिर भी इन जिलों में गरीबी है।
. यह सब देखते हुए एक नए समाधान की जरूरत भी है। आवारा पशुओं की समस्या है। इसे हल करने की दिशा में काम करने की जरूरत थी। इन संसाधनों का पर हावी उपयोग जरूरी था और हम सबने इसके लिए नीति बनाई। केवल उद्योग धंधों को बढ़ाने से बात नहीं बनेगी, संसाधनों के बेहतर उपयोग की भी जरूरत है और हमने प्रकृति को सहेजते हुए विकास कार्य करने का निश्चय किया।
इस मौके पर अरोबिंदो योग एंड नॉलेज फाउंडेशन से आये संस्थान के डायरेक्टर डॉ समरेंद्र घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री के बारे में आज जानकारी मिली कि आज पता चला कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर में एक छोटी सी लायब्ररी है।
इसमें विवेकानंद और अरबिंदो जैसे विचारकों की किताबें हैं। उनमें ये गहरी रुचि रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए नरवा जैसे नवाचार लाये हैं जो ग्रासरूट लेवल पर लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं।
सर्कुलर इकॉनमी का कांसेप्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की उद्यमिता को बढ़ाते हुए और वो भी स्थानीय संसाधनों से इसे बढ़ाते हुए वो अच्छा काम कर रहे हैं।






![]()


