*लहरा दो लहरा दो जिनशासन का परचम लहरा दो गीत ने भरा जोश*
*जैन धर्म मे जीवदया सर्वोपरी – महेन्द्र कोचर*
श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व चमत्कारी श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी , भैरव सोसाइटी में प्रातः जय जय मंगलदायक जय हे , जय जिनधर्म हमारा ।। जैन ध्वज वंदन गीत से महावीर जिनशासन स्थापना दिवस का शुभारंभ हुआ ।







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खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी के आशीर्वचनों के साथ जिनशासन स्थापना दिवस पर परचम लहरा दो जिनशासन का परचम लहरा दो गीत ने श्रद्धालुओं में जोश भर दिया । श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी ने कैवल्य कल्याणक के अगले दिन वैशाख शुक्ल 11 को महावीर जिनशासन की स्थापना की , साधु साध्वी श्रावक श्राविका के रूप में चतुर्विध संघ की स्थापना की ।

भगवान महावीर स्वामी ने विश्व को जियो और जीने दो का मंगलकारी संदेश दिया , जिसमें पूरे जैन दर्शन का सार समाहित है । महेन्द्र कोचर ने आगे बताया कि जियो और जीने दो में वीर प्रभु की अहिंसा दया करुणा पूर्वक जीने की कला है , जैन धर्म में जीवदया की भावना सर्वोपरी है इसे मूर्त रूप देते हुए आज श्री संभवनाथ जिनालय विवेकानंद नगर में मूक पक्षियों के लिए 200 से ज्यादा दाना फ़ीडर व सकोरे का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया गया । इस अवसर पर श्री ऋषभदेव जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी धरमचंद निम्मानी , पी आर गोलेछा स्थानीय जैन समाज के श्यामसुंदर बैदमुथा , पी आर मुणोत , सुरेश बरड़िया ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद , ट्रस्टी महेन्द्र कोचर ने लोगों को दाना फ़ीडर का उपयोग व तरीका समझते हुए वितरण किया । संभवनाथ जैन मंदिर में दर्शनार्थियों के साथ कालोनी के सैकड़ों जीवदया प्रेमियों ने आकर फ़ीडर व सकोरा ग्रहण किया व इसे अपने गैलरी , छत , गार्डन में लगाकर प्रतिदिन दाना व पानी डालने का संकल्प दोहराया । स्थानीय जैन समाज विवेकानंद नगर के अध्यक्ष श्यामसुंदर बैदमुथा ने कहा कि गर्मियों में मूक पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करना विशेष महत्व रखता है इस कार्य को वर्षभर जारी रखना है ।
