राजधानी में मिनीमाता स्मृति दिवस समारोह के दौरान खचाखच भरे हाल में 500 सतनामी प्रतिभाओं का हुआ सम्मान…
रायपुर/ छ.ग. की प्रथम महिला सांसद होने का गौरव प्राप्त सतनामी समाज की गुरुमाता स्व. मिनीमाता जी की 51 वी. पुण्यतिथि पर 11 अगस्त (शुक्रवार) को स्मृति दिवस व प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा राजश्री सद्भावना समिति के संयुक्त तत्वाधान में राजधानी के शहीद स्मारक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की महिला स्व- सहायता समूहो, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, 10वीं/ 12वीं बोर्ड के प्रतिभावान बच्चों, पत्रकारों सहित नीट व खेल जगत से जुड़ी हुई हस्तियों को मिलाकर 500 से भी अधिक प्रतिभाओं को साल, साड़ी, प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र ,बुके व श्रीफल भेटकर सम्मानित किया गया। इसके पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के 22 नवनिर्वाचित नए पदाधिकारियों को शपथ दिलवाया। तत्पश्चात गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष के.पी. खण्डे साहब ने स्वागत भाषण देकर समाज की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन मान. मुख्यमंत्री को सौंपा..। इस दौरान डॉ.जे. आर. सोनी जी द्वारा लिखित “वैश्विक सतनाम धर्म का स्वरूप एवं दर्शन” तथा राजश्री सद्भावना समिति की ओर से प्रकाशित “सद्भावना संदेश” पत्रिका का विमोचन भी मंनचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया…।
आयोजन समिति के प्रवक्ता चेतन चंदेल ने बताया कि प्रातः बड़ी संख्या में समाज के लोग सर्वप्रथम अपनी गुरुमाता को नमन करने पंडरी पहुंचे जहां माता जी की आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धा के फूल चढ़ाकर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया ।
मुख्य आयोजन स्थल शहीद स्मारक भवन में मंगल भजनों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ जहां हृदय प्रकाश अनंत, किरण भारती व दिनेश जांगड़े के कलाकारों ने अलग-अलग मिनीमाता जी से संबंधित मंगल भजनों की प्रस्तुति दिए।
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मान. भूपेश बघेल जी ने स्व. मिनीमाता को नमन करते हुए कहा कि शोषण ,भेदभाव तथा अत्याचार से मुक्त समतामूलक समाज के निर्माण में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, उन्होंने समाज की उन्नति तथा विकास के लिए निरंतर कार्य किया। मिनीमाता छत्तीसगढ़ की पहली महिला थी जो सांसद बनी थी उन्होंने इस दौरान समाज की उन्नति के साथ-साथ पूरी छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कार्य करती रही। उन्होंने लोकसभा में अस्पृश्यता निवारण विधायेक पारित कराने में अपना अमूल्य योगदान दिया था जिसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने अकादमी के नए पदाधिकारियों को अपनी बधाई व शुभकामनाएं भी दिया..अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री मान. डॉ. शिवकुमार डहरिया जी ने संबोधित करते हुए कहा कि मिनीमाता का पूरा जीवन समाज के शोषित, वंचित लोगों की भलाई के लिए समर्पित रहा । हमारी सरकार मिनीमाता के अधूरे सपनों को पूरा करने का काम कर रही है।
कार्यक्रम को राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास जी एवं राजश्री सद्भावना समिति की अध्यक्ष श्रीमती शकुन डहरिया जी ने भी मिनीमाता जी को नमन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम स्थल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाई गई थी जहां समाज के अनेकों चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी वहीं सभी आगंतुकों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई थी।इस अवसर पर अध्यक्ष के.पी. खण्डे, डॉ.जे आर सोनी, डी.एस. पात्रे, सुंदरलाल जोगी, चेतन चंदेल, एम.डी. माहिलकर, खेदु बंजारे ,के.एन. भारद्वाज ,जी. आर. बाघमारे, आर.के. पाटले, प्रकाश बांधे, अरुण मंडल, पं. अंजोर दास बंजारे, टिकेंद्र बघेल, घासीदास कोसले, डॉ. सुरेंद्र कुर्रे, डॉ अमित भारद्वाज, हृदय प्रकाश अनंत, कृपाराम चतुर्वेदी, लाला पुरेना, संतोष महिलांग, गुलाब महिलांग, नंदू मारकंडे, सुखनंदन बंजारे, आसाराम लहरे, दयाराम जांगड़े ,मानसिंह गिलहरे, मनीष कोसरिया, राधेश्याम बंजारे ,बाबा डहरिया ,प्रेम बघेल , ईश्वर बारले, मनमोहन कुर्रे, हेमंत कुर्रे, तुलाराम टंडन, प्रेम सोनवानी, नरोत्तम घृतलहरे, मनीष रात्रे, महेश सोनवानी, सी.एल .रात्रे, ईश्वर जोगी, राधेश्याम घृतलहरे,
महिलाओं में श्रीमती चंपादेवी गेंदले, उमा भतपहरी ,गिरिजा पाटले ,याचना भतपहरी, सुनीता देशलहरे, शशिबाला सोनकेवरे, पुष्पा पाटले, अमरौतिन भतपहरी, आशा पात्रे, गोंदा बारले, इंदू डहरिया, डॉ.कल्याण रवि, डॉ. दुर्गा गेंदले, ममता कुर्रे, संगीत बालकिशोर, अंजली बरमाल, सरस्वती राघव, सहित हजारों लोगों उपस्थित थे।








