एस् एच् अजहर दंतेवाडा किरंदुल चुनावी बिगुल बजते ही भाजपाइयो को रोजगार – शिक्षा और विकास जैसे मुद्दे याद आ रहे है, परंतु सच्चाई तो सबको पता है कि भाजपाई सरकार सिर्फ आद्योगिक घरानो को ही खुश करना चाहती है । भाजपाइयों को दन्तेवाड़ा के विकास से कोई लेना देना नही है, उन्हें तो सिर्फ दन्तेवाड़ा और बस्तर की खनिज संपदा नज़र आती है, फिर चाहे वो माइंस क्र.13 हो 14 हो या 04 हो । केंद्र में बैठी भाजपा सरकार केंद्र सरकार की उपक्रम एनएमडीसी के साथ तरह तरह के नियमो और कानून बना कर सिर्फ बस्तर के लौह अयस्क खदानों को हथियाना चाहती है और स्थानीय वासियो से उनका हक छीन कर बड़े आद्योगिक घरानो को देना चाहती है ।
इसी क्रम में भाजपा की रमन सरकार ने पहले एनएमडीसी से माइनिंग हक़ छीनने की कोशिश करते हुए राज्य सरकार के साथ मिल कर सीएमडीसी का निर्माण किया और दोनों को मिला कर एनसीएल बनाया । रमन सरकार ने एनसीएल का पूरा उपयोग भाजपा के पक्ष में किया, जिसमें स्थानीयों के विरोध के बाद भी दन्तेवाड़ा स्थित 13 नं माइंस को फ़र्ज़ी ग्रामसभाएं करवा कर अडानी को दे दिया था अब इसी क्रम में नया खेल खेलते हुए एनसीएल के तहत खदान क्र. 04 का आवंटन किया जा रहा है । बस्तर की पहाड़ियों में हमारे देवी देवताओं का निवास है और और जिन पहाड़ियों को एनसीएल खनिज संपदा के रूप में देख रही है वो स्थानीय आदिवसियों का घर है । और एक बार फिर से बस्तर की संपदा को लूटने के लिए, खदान क्र 04 को हथियाने के लिए ग्रामसभाएं बुलाई जा रही है । ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भी बार बार इस खदान को हथियाने के लिए हथकंडे अपनाये जा रहे है । एनसीएल का दिखावा करते हुए पहले अडानी को फायदा पहुँचाने की कोशिश की गई और अब खदान क्र 04 को हथियाने की विफल कोशिश की जा रही है ।







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इस पूरे मुद्दे पर अगर प्रकाश डाला जाए तो ये सिर्फ खदानो को हथियाने के हथकंडे है, जिससे न सिर्फ बस्तर पर बाहरी लोगों का अतिक्रमण बढ़ेगा बल्कि स्थानीय सँस्कृति पर भी फर्क पड़ेगा । केंद्र सरकार बस्तर के माइंस को हथियाने के लिए इस कदर लगे हुए है कि बस्तर की संस्कृति को तो नष्ट कर ही रहे है साथ ही पर्यावरण और हमारी विरासत को भी नुकसान पहुँचाया जा रहा है । राहुल महाजन ने आगे कहा कि जिस एनसीएल द्वारा वर्तमान में जिस खदान 04 के बैठक बुलाई जा रही है वहाँ पे डायनासोर्स काल के वनस्पति एवं पेड़ पौधे भी पाए जाते है जिसे ट्री फ़र्न कहा जाता है जो कि वन विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्रो में आता है एवं उस क्षेत्र को संरक्षण में रखने के लिए एक चेतावनी बोर्ड तक वहाँ लगाई गई थी, और एनसीएल ऐसे क्षेत्र को बर्बाद करना चाह रहा है । केंद्र की नज़र बस्तर की खनिज सम्पदाओं पर इस कदर बनी हुई है की ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद भी खदान क्र 04 के ग्राम सभा बुलाई जा रही है और पूर्व में विरोध के बाद भी फिर से इस माह की 25 को 14नंबर माइंस के लिए ग्राम सभा बुलाई जा रही है जिसका पूर्व में ग्राम सभा के समय ग्रामीणों ने पुरज़ोर विरोध करते हुए एनएमडीसी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन देते हुए माइंस बन्द करवाई गई थी
