महोबिया ने महिलाओं को सम्मानित किया
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाति महोबिया ने महिलाओं को सम्मानित किया ।
डॉक्टर महोबिया ने बताया कि यह बहुत सरल तकनीक है। यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है, जिनमें ओवेरियन स्टिमुलेशन, महिला की ओवरी से एग निकालना, पुरूष से स्पर्म लेना, फर्टिलाइजेशन और महिला के गर्भ में भ्रूण को रखना शामिल है। आइवीएफ के एक साइकल में दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं। जानते चलें कि आइवीएफ ट्रीटमेंट में महिला के अंडों और पुरूष के शुक्राणुओं को मिलाया जाता है। जब इसके संयोजन से भ्रूण बन जाता है, तब उसे वापस महिला के गर्भ में रख दिया जाता है। कहने को यह प्रक्रिया काफी जटिल और महंगी है, लेकिन यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए वरदान है, जो कई सालों से गर्भधारण की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सफल नहीं हो पा रहे हैं।
आइवीएफ चिकित्सा सस्ते में, मुफत सलाह भी
पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ.स्वाति महोबिया ने बताया कि हर महिला के लिए मां बनने का अहसास बेहद खास होता है। कहते हैं कि एक बच्चे के साथ मां का भी नया जन्म होता है लेकिन किसी वजह से अगर कोई औरत मां नहीं बन पाती, तो यह किसी कमी की ओर संकेत करता है। यदि शादी के 5 साल तक तमाम कोशिशों के बाद भी कपल्स को गर्भधारण करने में दिक्कत आती है, तो उन्हें आईवीएफ की सलाह दी जाती है।








