रायपुर ।रामकृष्ण केयर अस्पताल के जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. अंकुर सिंघल ने “मिनीमम कट तकनीक” द्वारा 45 BMI वाले मरीज का सफल नी रिप्लेसमेन्ट (टीकेआर) परफॉर्म किया।
इस सर्जरी की खास बात यह थी मरीज का वजन 100 कि.ग्रा. था और BASAL METABOLIC INDEX (BMI) 45 और वह मोटापे की Morbid Obesity कैटेगरी में आता था। ज्यादा वजनी का ऑपरेशन ना सिर्फ कठिन होता है इसमें, इंफेक्शन की संभावनाएं अधिक होती है।
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डॉ. सिंघल ने यह ऑपरेशन अपनी इनोवेटिव मिनिमम कट तकनीक (MCT) से किया है। जिसकी वजह से मरीज का ना सिर्फ जोड़ ठीक किया गया, उनका पैरों के टेढेपन को भी ठीक किया गया। आज मरीज पूरी तरह स्वस्थ्य है एवं अपनी सामान्य जीवन-यापन कर रहा है तथा उसका घुटना पूरी तरह ठीक हो गया है।
डॉ. सिंघल ने बताया कि अधिक BMI वाले मरीज का नी रिप्लेसमेन्ट (टीकेआर) एक अपने आप में जटिल क्रिया है लेकिन इस अद्भुत मिनीमम कट तकनीक (MCT) द्वारा क्षतिग्रस्त जोड़ को भी फिर से ठीक किया जाता है। डॉ. सिंघल ने इस सर्जरी के लिये विदेश जैसे इग्लैण्ड एवं अमेरिका में ट्रेनिंग लिया है।
डॉ. अंकुर सिंघल ने बताया कि मरीजों में उनके द्वारा इजात की हुई इस “मिनिमम कट तकनीक” (MCT) से 7000 से भी ज्यादा सफल जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी की है। इस तकनीक से मरीजों की रिकवरी फास्ट होती है और जटिल से जटिल सर्जरी आसानी से की जा सकती है। इस तकनीक से मरीज न सिर्फ केवल कुछ घंटे बाद चल सकता है बल्कि अपनी सामान्य जीवन में तेजी से वापस लौट सकता है।
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