रायपुर।
लौह नगरी बचेली एक मिनी भारत का प्रतिनिधित्व करता हुआ नजर आता है क्योंकि इस जगह में भारत के सभी प्रांत सभी नगर से यहां लोग वर्षो से निवासरत है और यह इलाका आदिवासी बहुल इलाका है चूंकि आदिवासी बहुल इलाका है और आदिवासियों को खून की कमी अक्सर मिलता है कारण है ये सब्जी भाजी और मौसमी फलों का उत्पादन तो करते है पर इसे बेचकर आदिवासी भोज्य जैसे लांदा का सेवन ज्यादा करते है इसलिए एनिमिक ज्यादा होते है
इसलिए बचेली में जनसेवक के नाम से जाने वाले फिरोज नवाब ने प्रण लिया हुआ है की खून की कमी से कभी भी किसी भी व्यक्ति विशेष का जान जाने नही देगे
आज उसी बात को अपने ऊपर चरितार्थ करते हुए आज एक आदिवासी महिला लक्ष्मी कर्मा को अपना बहुमूल्य रक्त O पॉजिटिव का 42वा रक्तदान किया और तत्काल ब्लड दिया और तत्काल आपरेशन हुआ और एक बालक का जन्म हुआ इससे पहले भी रक्तवीर फिरोज नवाब अक्सर अपना रक्त संजो के ही रखते है क्योंकि ये अकसर आधी रात को अपना इमरजेंसी रक्तदान करते है और स्वयं तो रक्तदान करते ही है और लोगो को प्रेरित करते हुए अक्सर रक्तदान के लिए सभी को सोशल मीडिया और कॉलिंग कर फोन के जरिए खून मांगते है और ये अपने साथियों के बीच ड्रेकुला के नाम से जाने जाते है और ये शिविर का आयोजन भी करते है इसके अलावा ये सभी लावारिश लाश का विधिवत अंतिम संस्कार भी करते है और विगत पूर्व करोना काल में लगभग 50 संक्रमित शव का विधिवत अंतिम संस्कार किया जिसके लिए सभी क्षेत्र के लोगो ने इनका जमकर तारीफ किया इसलिए बचेली में इन्हे जनसेवक के नाम से जाने जाते है








