दंतेवाड़ा। एस एच अजहर। प्रदेश में जुआ, सट्टा का कारोबार तो फल-फूल रहा है और खाईवाल चांदी काट रहे है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में जुआ सट्टा का कारोबार चल रहा है लेकिन दंतेवाड़ा जिला में जुआ का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। जुआ सट्टा के कारोबार में संलिप्त लोग इसका संचालन खुल्लम खुल्ला कर रहे हैं बस इसकी भनक सिर्फ कानून के रखवालों को नहीं लग रही है बाकी जुआ सट्टा के इसखेल में बोले भाले गरीब तबके एवं युवा वर्ग चपेट में जरूर आ गये हैऔर दीपावली का पर्व जैसे जैसे नजदीक आ रही है वैसे वैसे 52 परियों के खेल के महफ़िल भी रफ्तार से सजने लगा है। इन दिनों प्रदेश के दंतेवाड़ा जिला में जुआरियों का अलग अलग स्थानों पर प्रतिदिन फड़़ चल रहा है, इन स्थानों पर प्रतिदिन लाखों रूपए का दांव लग रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दशहरा पर्व के बाद दंतेवाड़ा जिला में जुआरियों का महफ़िल लगना धीरे धीरे शुरू हो गया और अब यह रफ्तार पड़ चुकी है। इन स्थानों पर प्रतिदिन लाखों रूपए का दांव लग रहा है,और दीपोत्सव का पर्व जैसे-जैसे करीब आएंगी ये और रफ्तार पकड़ेंगी। सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर जुआ चल रहा है वहीं धनतेरस के बाद ये और तेज गति से चलेगी।
जुआ के इस खेल में जहां कुछ स्थानों पर छोटे-छोटे दांव लग रहे हैं ऐसे स्थानों पर गरीब तबके के और युवा वर्ग ऐसे स्थानों पर जुआ खेलने पहुंच रहे हैं। जुआ खिलाने वाले इस वर्ग को अपने गिरफ्त में ले रखे हैं वहीं कुछ स्थानों पर प्रतिदिन बड़े पैमाने पर दांव लग रहा है ऐसे स्थानों पर जुआ खिलाने वाले नाल के रूप में जुआ खिला रहे है वहीं कुछ स्थानों पर कैसिनो की तरह जुआ खिलाया जा रहा है और इसमें गरीब ,मध्यम वर्ग एवं युवा वर्ग इस खेल में फंस गए हैं।कई लोग तो इस खेल में अपना सब कुछ गंवा बैठे कहने का अर्थ है पूरी तरह से बर्बाद हो गये । जहां एकओर गरीब इस खेल में फंसकर पूरी तरह बर्बाद हो रहे वहीं जुआ खिलाने वाले तरक्की कर रहे हैं।








