एस एच अज़हर /रामू राव । दंतेवाड़ा (किरंदुल-बचेली): राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर किरंदुल और बचेली में पिछले चार दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन रविवार शाम 4 बजे शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया। इस आंदोलन के दौरान लौह अयस्क परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप रही, जिसके कारण किरंदुल और बचेली में मालगाड़ियाँ चार दिनों तक खड़ी रहीं। साथ ही, बीटीओए से जुड़े सैकड़ों ट्रक सड़कों पर जाम की स्थिति में रहे, जिससे परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।धरनास्थल पर स्थानीय पार्षदों और पंचायत प्रतिनिधियों ने पहुंचकर आंदोलनकारी युवाओं का समर्थन किया और उनकी मांगों को जायज ठहराया। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इन मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अध्यक्ष सोमारू कदाती, उपाध्यक्ष गोविंद कुंजाम, मनीष मरकाम, सचिव करन तामो, और अरविंद कुंजाम ने किरंदुल में जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर धरना दे रहे युवाओं से संवाद किया।







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इस दौरान प्रशासन और एनएमडीसी की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन पत्र को साझा किया गया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं की मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमानुसार उन्हें रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया, जिससे क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।
