दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़: प्रवेश कुमार जोशी ने प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को लिखे दो पत्रों में दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला नंबर पांच पहाड़ियों के नीचे बसे डम्मिरी फलनार गांव की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। 41 परिवारों वाला यह गांव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना सहित कई सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव पत्र में गांव की बदहाली का मार्मिक वर्णन किया गया है। सड़क न होने के कारण बीमार और गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में कंधे पर कावड़ की तरह लादकर पहाड़ियों को पार करना पड़ता है। जोशी ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार, इस कठिन यात्रा में देरी के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। यह स्थिति प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तत्काल सड़क संपर्क की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
गांव में पेयजल की भारी कमी है। बोरिंग और जलापूर्ति व्यवस्था के अभाव में ग्रामीण बारिश के दौरान तालपत्तरी से पानी इकट्ठा करते हैं, जबकि गर्मियों में उन्हें पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। बिजली की अनुपस्थिति के कारण गांव अंधेरे में डूबा रहता है। पक्की सड़क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को 2-4 किलोमीटर कच्चे रास्तों पर चलना पड़ता है। ये समस्याएं ग्रामीणों को विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रख रही हैं।
सरकार से गुहार जोशी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि डम्मिरी फलनार गांव का ड्रोन सर्वेक्षण और निरीक्षण के लिए एक विशेषज्ञ टीम भेजी जाए। उन्होंने मांग की है कि गांव की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और इसके आधार पर सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ गांव तक पहुंचाया जाए।
विकास की उम्मीद “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत में विश्वास जताते हुए जोशी ने उम्मीद व्यक्त की कि डम्मिरी फलनार के ग्रामीणों के विकास के सपने शीघ्र पूरे होंगे। उन्होंने सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील की है ताकि यह गांव मुख्यधारा के विकास से जुड़ सके।
