एस एच अज़हर दंतेवाड़ा किरंदुल।शासकीय अरविंद महाविद्यालय किरंदुल में जनजातीय गौरव माह के अंतर्गत जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार दोपहर को महाविद्यालय के सभागार में किया गया।।कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी,जनजातिय नायकों एवं सरस्वती माता के चित्रों पर पुष्प माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना के साथ हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजीव दास अध्यक्ष जनभागीदारी समिति, अरविंद महाविद्यालय किरंदुल रहे।उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास वीरता, त्याग और स्वाभिमान से भरा हुआ है, और आज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए शिक्षा व विकास की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित इतिहासकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता जयराम दास ने जनजातीय समाज के संघर्ष, संस्कृति और योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि हमारे जनजातीय पूर्वजों ने संघर्ष, त्याग और साहस के बल पर अपनी भूमि और पहचान को बचाया।उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, वीर नारायण सिंह गुंडाधुर, रानी दुर्गावती जैसे अनेक वीरों के बलिदान को याद किया।इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी पहचान और संस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. के. हिरकने के द्वारा किया गया।इस दौरान कार्यक्रम के संयोजक सुखराजु नुरेटी सह संयोजक शारदा दर्रों प्राध्यापक डॉ. तंजीन आरा खान, डॉ. रवि रंजन ग्रन्थपाल,रजनी मण्डल,डॉ. ममता रात्रे,डॉ. शबीना खान,जीतेन्द्र पोंदी,धीरेन्द्र टंडन,आशीष नेताम एवं समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहें।कार्यक्रम का मंच संचालन ईशा साहू एवं निकिता यादव के द्वारा किया गया।समापन पर अतिथियों को महाविद्यालय परिवार द्वारा शाल श्रीफल देकर सम्मान किया गया।








