एसएच अजहर
संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) ने श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं की अधिसूचना के विरोध में एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के मांग पत्र के समर्थन में 12 फरवरी को हड़ताल पर रहेंगे
बता दें कि यूनियन केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच एवं स्वतंत्र फेडरेशनों द्वारा घोषित 12 फरवरी 2026 को होने वाली राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हडताल में मुद्दों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे।






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ये हैं मुख्य मुद्दा
1. श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं का निरस्तीकरण- दिनांक 21 नवंबर 2025 को जारी की गई चार श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन संबंधी अधिसूचनाओं की तत्काल वापसी तथा निम्नलिखित श्रम संहिताओं को निरस्त किया जाएः 1. वेतन संहिता, 2019 2. औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 3. व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएँ संहिता, 2020 4. सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 2. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (CTUS) की लंबित मांगों का क्रियान्वयन- 1. सभी श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा 2. मनरेगा की बहाली एवं वीबीआरएएमजी को निरस्त किया जाए 3. न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 प्रति माह से कम नहीं (या जैसा कि CTUS द्वारा मांग की गई है) 4. समान कार्य के लिए समान वेतन 5. स्थायी नौकरियों के निजीकरण एवं आउटसोर्सिग पर रोक 6. फिक्स्ड टर्म रोजगार की वापसी 7. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश एवं निजीकरण पर रोक 8. श्रमिक विरोधी, जनविरोधी बिजली विधेयक, किसान विरोधी बीज विधेयक तथा अन्य किसान विरोधी नीतियों की वापसी
*संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के मांग*
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के मांग पत्र का क्रियान्वयन, जिसमें शामिल हैं- 1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी 2. सभी किसान विरोधी नीतियों की वापसी 3. भूमि, आजीविका एवं खाद्य सुरक्षा की रक्षा 4. त्रिपक्षीय संवाद की विफलता- सरकार द्वारा भारतीय श्रम सम्मेलन एवं त्रिपक्षीय परामर्श बैठके आयोजित न किए जाने तथा बार-बार ज्ञापन एवं राष्ट्रव्यापी आंदोलनों के बावजूद नियोक्ताओं द्वारा ट्रेड यूनियनों एवं श्रमिक संगठनों के साथ सार्थक संवाद न करने की विफलता। 5. एनएमडीसी से संबंधित विशेष मांगें- 1. एनएमडीसी लिमिटेड के नियमित कर्मचारियों एवं संविदा श्रमिकों के लंबित वेतन संशोधन का तत्काल क्रियान्वयन किया जाये । 2. एनएमडीसी लिमिटेड के कामगारों के लिए ग्रेच्युटी सीमा ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख की जाए । 3. एनएमडीसी लिमिटेड में त्रिपक्षीय समझौतों के उल्लंघन को तत्काल रोका जाए । 4. एनएमडीसी लिमिटेड के दिव्यांग कर्मचारियों के लिए दुगना वाहन भत्ता प्रदान किया जाए । यह हड़ताल श्रमिक वर्ग की चिंताओं एवं आकांक्षाओं की सामूहिक अभिव्यक्ति है। यह एक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन होगा, जिसका उद्देश्य एनएमडीसी लिमिटेड के कर्मचारियों सहित देश के करोड़ों श्रमिकों से जुड़े मुर्दा की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
