रायपुर।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और यशस्वी वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने वर्ष 2026-27 के बजट में छत्तीसगढ़ के गांव, गरीब और किसान को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक प्रावधान किए हैं।






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यह बजट “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
बजट की मुख्य विशेषताएँ:
पंचायत एवं ग्रामीण विकास: ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ₹16,560 करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है, जो गांव से लेकर शहर तक विकास की नई गाथा लिखेगा।
विकसित भारत GRAM G योजना: ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और मनरेगा के माध्यम से रोजगार बढ़ाने हेतु ₹4,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह राशि जिला पंचायतों के माध्यम से विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
अन्नदाताओं का कल्याण: किसानों की खुशहाली के लिए ₹13,507 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें कृषक उन्नति योजना, विद्युत पंप, बिजली सब्सिडी और फसल बीमा के साथ-साथ ‘वाटर शेड’ और ‘बागवानी’ विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है।
हमारी मांग पर ऐतिहासिक निर्णय: पारदर्शिता और स्थानीय नेतृत्व को मजबूती देने के लिए हमारे द्वारा ₹50 लाख तक के निर्माण कार्य सीधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने की मांग की गई थी, जिसे सरकार ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। अब ₹50 लाख तक के कार्य यथासंभव पंचायतों द्वारा ही होंगे, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और जनभागीदारी बढ़ेगी।
मजबूत अधोसंरचना: ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे जिला पंचायत क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा।
यह बजट जिला पंचायतों को विकास की धुरी बनाने और ग्रामीण जनता के विश्वास पर खरा उतरने वाला है। छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के इस संकल्प के लिए मैं पूरी सरकार का सादर अभिनंदन और आभार व्यक्त करता हूँ।
