संदीप छाबड़ा खरोरा
खरोरा;—–विकासखण्ड तिल्दा क्षेत्रान्तर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गनियारी में संकुल त्रय अड़सेना,गनियारी, असौंदा के समस्त संस्था प्रमुखों व शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा “अजीम प्रेमजी फाउंडेशन” के सहयोग से दो दिवसीय प्रशिक्षण “नवा जतन” का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम शिक्षक दौलत धुरंधर ,लक्ष्मीनारायण साहू एवं रवि धीवर द्वारा सस्वर सरस्वती वंदना , राष्ट्रगान एवं राजगीत की प्रभावशाली प्रस्तुतियों से प्रशिक्षण की औपचारिक शुरुआत की गई , तत्पश्चात कुशल प्रशिक्षकों का अभिनंदन किया गया ।
इस अवसर पर संकुल प्रभारी नोडल प्राचार्य श्रीमती कृपालता टोप्पो ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान परिवेश में बच्चों को हुई क्षति की भरपाई एक बड़ी चुनौती है जिसका सामना युद्ध स्तर पर साझा प्रयास से संभव है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हमारे शिक्षकों की होगी और हमारे शिक्षक संघर्षशीलता ,कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए हरसंभव प्रयास करेंगे ।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण काल में विद्यालयों में अध्ययन अध्यापन बाधित होने से स्कूली बच्चों के शैक्षणिक स्तर में कमी की छात्रों के रुचि के अनुरूप यथाशीघ्र भरपाई करना है।
निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण* पर आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण ‘नवा जतन ‘में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की कमला बाजपेयी, संकुल समन्वयक त्रय भोला प्रसाद वर्मा अड़सेना ,अरविंद पुष्पकार असौंदा एवं दुष्यंत बाँधे गनियारी आदि कुशल प्रशिक्षकों ने भाषा में अक्षरज्ञान,वर्ण परिचय,शब्दरचना,उच्चारण ,श्रुतिलेखन, व गणित में अंकज्ञान,संख्या पहचान, स्थानीयमान इबारती प्रश्न ,प्रयोग आधारित आधारभूत प्रारंभिक ज्ञान ,बौद्धिक क्षमता के अनुरूप वर्गीकरण कर यथायोग्य उपचारात्मक शिक्षा से सम्बद्ध बारीकियों पर प्रकाश डाला तथा निर्धारित विषयवस्तु पर क्रमवार व्याख्यान के माध्यम से शिक्षकों को सहायक शिक्षण सामग्रियों ,आधुनिक तकनीक से संबध्द उपकरणों का अधिकाधिक प्रयोग ,खेल-खेल में शिक्षा आदि नवाचारों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने प्रेरित किया।
इस बीच द्वितीय दिवस पर विशेष रूप से उपस्थित होकर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बी. एल. देवांगन ने कोविड संक्रमण काल में शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन क्लास,बुलटू के बोल,लाउड स्पीकर क्लास ,मोहल्ला क्लास आदि के माध्यम से अध्यापन की सराहना करते हुए कहा कि इन सबके बावजूद स्कूली बच्चों को जो अकादमिक ,शारीरिक,बौध्दिक, मानसिक ,शैक्षणिक क्षति हुई है उसकी भरपाई मुश्किल है उन्होंने बच्चों व पुस्तकों के मध्य आई दूरी पर चिंता व्यक्त करते हुए नवनिहालों के शैक्षणिक स्तर में तीव्र गति से सुधार कर उनके अध्ययन स्तर को पुनः पटरी पर लाने शिक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभाग से प्राप्त निर्देशों के अधीन अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहण करते हुए हम अध्यापन दिवस पर पूरे 6 घंटे छात्रहित में दें ।







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शिक्षकों को आव्हान करते हुए श्री देवांगन ने कहा कि आज के बच्चे कल के नागरिक हैं जिनके काँधों पर राष्ट्र की बागडोर है और इन्हें सभ्य,सुशिक्षित, देशहित में समर्पित नागरिक बनाने का दायित्व राष्ट्रनिर्माता शिक्षकों पर है हमें इसका प्रतिपल बोध होते रहना चाहिये ।
द्विदिवसीय सत्र का सफल संचालन शिक्षकद्वय दौलत धुरंधर व लक्ष्मीनारायण साहू ने किया।
प्रशिक्षण में प्रधानपाठक तुकाराम चंद्राकर, लखन भारद्वाज, माधव प्रसाद साहू, अनिता नाग परमार,शेषनारायण वर्मा,मनोज यदु,रमेश कुमार वर्मा,विष्णुगिरी गोस्वामी,तोपसिंह टंडन,सहित तीनों संकुलों के संस्थाप्रमुख व शिक्षक शिक्षिकायें शामिल हुए।
