*प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की पत्रकारों से चर्चा*




रायपुर/05 नवंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सूरजपुर जिले में अडानी के द्वारा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर लगाया जा रहा है। यह पावर प्लांट 4800 मेगावाट का है तथा कोयला आधारित पावर प्लांट है। इसमें बड़ी संख्या में वन भूमि भी प्रभावित हो रही है। इसके भूमि के पूरी जानकारी के बिना डबल इंजन की सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति दे दिया है। कंपनी के पास अभी केवल 465.92 हेक्टेयर भूमि है जबकि प्रोजेक्ट में इन्होंने 673.5 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई है। इतनी भूमि वहां है नहीं शेष 207.58 हेक्टेयर भूमि वन भूमि है, जिसके लिए कंपनी वनभूमि को डायवर्सन के लिए आवेदन तक नहीं किया है लेकिन पर्यावरण स्वीकृति दे दिया है। यह प्रोजेक्ट गुम्गा, चिरवान और मुड़गांव जैसे संरक्षित वनों तथा सलका, नारायणपुर जैसे गांवों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक बगल में (150 मीटर से 250 मीटर की दूरी पर) स्थित है। वन भूमि पर ही पावर प्लांट क्यों लगाया जा रहा है? इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 84 मिलियन घनमीटर पानी प्रतिवर्ष लगेगा, यह पानी कहां से आयेगा? इसकी कोई जानकारी नहीं दी जा रही। यहां पानी भी हसदेव बांगो जलाशय से ही मिलना संभव होगा। बांगो इस क्षेत्र सिंचाई का प्रमुख जलाशय से है। यहां से यदि अडानी को पानी दिया जायेगा तो किसानों का क्या होगा? वन भूमि पर पावर प्लांट लगाये जाने तथा इसकी पर्यावरण स्वीकृति देने की कोशिश और बांगो जलाशय से पानी दिये जाने का कांग्रेस विरोध करती है। भूमि का कोई क्लीयर नहीं वन भूमि का, बिना ग्राम सभा की सहमति से देने का प्रस्ताव, वन भूमि का डायवर्सन का कोई आवेदन नहीं, उक्त प्रोजेक्ट में पानी कहां से आयेगा, उसका उल्लेख नहीं? फिर भारत सरकार पर्यावरण मंत्रालय पर्यावरण स्वीकृति दी कैसे?
*डीएड कर्मियों से बर्बरता निंदनीय*
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि डीएड अभ्यर्थी 321 दिन से हड़ताल पर है उनकी मांगे जायज है। कोर्ट के आदेश के अनुसार इनकी सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्ति हो जानी थी। लेकिन भाजपा की असंवेदनशील सरकार लगभग 2300 डीएड अभ्यर्थियों की जायज मांगों पर कोई निर्णय नहीं ले पा रही। आज डीएड अभ्यर्थी अपनी मांग पूरी करने की गुहार लगाने शिक्षामंत्री के निवास पर सपरिवार पहुंचे थे, उनके साथ सरकार ने क्रूरता किया, उनको मारपीट करके शिक्षामंत्री के निवास से बर्बरतापूर्वक हटाया गया। सरकार इनकी जायज मांगों पर निर्णय नहीं ले रही उल्टा उनके साथ मारपीट कर रही यह निंदनीय, यह है विष्णु का अत्याचारी सुशासन।
*सरकार, पटवारियों की हड़ताल समाप्त नहीं होने देना चाह रही*
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार आंदोलनरत पटवारियों की जायज मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने के बजाय उन्हें सस्पेंड कर रही। सैकड़ों पटवारियों को सस्पेंड कर दिया गया, नौकरी में ज्वाइन नहीं करने पर सर्विस इन ब्रेक की धमकी दी जा रही है। सरकार का यह रवैया बेहद अलोकतांत्रिक, तानाशाहीपूर्ण और निंदनीय है। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें सस्पेंड करना भाजपा सरकार की दमनकारी कार्यशैली को उजागर करता है। पटवारियों की हड़ताल के कारण धान खरीदी की तैयारी बाधित हो रही। किसान परेशान है उनका पंजीयन नहीं हो रहा। खसरा खतौनी दुरूस्त नहीं हो रहा है। सरकार जानबूझकर पटवारियों की हड़ताल को समाप्त नहीं करवा रही ताकि धान कम खरीदना पड़े। पटवारी राजस्व विभाग द्वारा थोपे गए नए पीवी ऐप यानी फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप का विरोध कर रहे हैं। इस ऐप के जरिए डिजिटल सर्वे और जीपीएस फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन ऐप में लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं। सर्वर डाउन रहना, लोकेशन मैच न होना, और खेत में खड़ी फसल के भौतिक सत्यापन में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों से पटवारी परेशान हैं। यदि पटवारी की हड़ताल खत्म नहीं होती है तो किसानों का धान समय पर कैसे बिकेगा?
