सामाजिक कार्यकर्ता संजय पंत ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि पूर्वजों केअचल संपत्तियों को बेचकर नौकरी करना आसान है लेकिन ईमानदारी से नौकरी करके खेत या अचल संपत्ति खरीदना मुश्किल है, नौकरी करना है करो पर पूर्वजों के अचल संपत्तियों को बेचकर नहीं वरना फसल और समाज के नस्ल दोनों बर्बाद हो जाएगी, जिस भी समाज के लोग अगर अपने पूर्वजों के अचल संपत्तियों को बेच रहे हैं। बेचकर नौकरी रहे हैं या घर बना रहे हैं गाड़ियां खरीद रहे हैं। और अपने आप को ऐसो आराम खुशी जिंदगी जी रहा हूं ऐसा समझ रहे हैं। तो समझो आने वाले पीढ़ीयों की जिंदगी के साथ धोखा व खिलवाड़ कर रहे हैं। बस्तर संभाग में जो लोग सामान्य व पिछड़ा वर्ग में आते हैं ऐसे कुछ समाज के लोगों का जमीनों को कौड़ियों के दामों में बाहर प्रदेशों से आकर पूंजीपति घरानों के लोग कौड़ियों के दामों में खरीद रहे हैं और बस्तरिया मूलनिवासी कई लोग बेच रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो पूर्वजों का अचल संपत्तियों को बेचना बंद नहीं किया गया तो। समझो बस्तरिया समाज के आने वाले पीढ़ियों को इसका खामियाजा काफी भुगतना पड़ेगा।और जमीन के लिए आने वाले पीढ़ीयों को दर-दर के ठोकरें खाने पड़ेंगे। बड़ों के किए धराय गलतियों के कारण आने वाले पीढ़ियों को अवश्य भुगतना पड़ेगा । अभी भी वक्त है संभल जाएं पूर्वजों का जमीन बेचना बंद करें।
छत्तीसगढ़ राज्य में सभी प्रकार की शराब बंद होनी चाहिए शराब के कारण मूल समाज बर्बादी
की और जा रही है।
संजय पंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अगर समाज हित में संपूर्ण विकसित राज्य बनाना राजनीतिक पार्टिया
चाहती है तो सबसे पहले समूल छत्तीसगढ़ में शराब बंद कराने होंगे बगैर शराब बंद कराएं छत्तीसगढ़ की जनता आगे नहीं बढ़ पाएंगी शराब पीकर बर्बादी के सिवाय।और कुछ नही है ।
शराब छत्तीसगढ़ बस्तर के समाज के आने वाले पीढ़ियों को बर्बाद कर रही है। बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ता नजर आ रहा हैं। 16 से17 साल के उम्र वाले बच्चे शराब भट्टी के आसपास बैठकर शराब पीते नजरआते हैं बहुत जगहों पर ऐसा भी देखा गया है कि माता-पिता हर दिन शराब पीकर घर में बच्चों के साथ मारपीट गाली गलौज करते नजर आते हैं।बच्चों को स्कूल तक नहीं भेजते हैं बच्चों के छोटी छोटी ख्वाहिशें रहती हैं उसे भी पूरा नहीं कर पाते हैं। पूरे पैसे को शराब पी कर बर्बाद करते हैं। हर समाज का बर्बादी का जड़ एकमात्र शराब है। शराब छत्तीसगढ़ में बेचना अवश्य बंद होनी चाहिए।


राजनीतिक पार्टिया चुनाव के वक्त शराब कंबल साड़ी पैसा बांटना बंद करना चाहिए।
संजय पंत ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव के वक्त जनता को गुमराह कर प्रलोभन देकर वोट प्राप्त करने के लिए शराब कंबल साड़ी पैसा बांटने का काम करते हैं।जिसभी पार्टी के लोगों के द्वारा इस प्रकार की गैर कानूनी हरकतें करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए
पार्टी कैंडिडेट के टिकट को तत्काल इलेक्शन कमिशन के द्वारा निरस्त करना चाहिए। शराब पैसा के प्रलोभन व झांसे में आकर अन काबिल कैंडिडेट पार्टीयों से टिकट प्राप्त कर जीता जा रहा है जिससे जनता को काफी नुकसान दायक साबित हो रहा है। अपने मूलभूत सुविधा के लिए जनता को तरसने पढ़ रहे है। अपने मूल हक अधिकार पाने केलिए जनता कई सालों से संघर्षरत है।अपने जल जंगल जमीन खनिजों को अपने आने वाले पीढ़ियों के लिए रक्षित और सुरक्षित करने के लिए जनता को जद्दोजहद करने पड़ रहे हैं। शासन प्रशासन सर्व मूल समाज को अपने हक अधिकार व न्याय प्राप्त करवाने में विफल होता
नजर आ रही है।
छत्तीसगढ़ बस्तर में आदिकाल से निवासरत मूल माहरा समुदाय के लोगों को आज पर्यंत तक न्याय प्राप्त नहीं।
संजय पंत ने कहा छत्तीसगढ़ बस्तर में आदिकाल से मूल निवासरत माहरा समुदाय के लोग 30 से35 सालों से अपने जाति को लेकर संघर्षरत हैं आज पर्यंत तब माहरा समुदाय को अपने हक अधिकार व न्याय प्राप्त नहीं हो सका है। चुनाव के समय राजनीति पार्टियां माहरा समुदाय के वोट प्राप्त करने के लिए बड़े बड़े वादे करती है और कहती है कि पार्टी सत्ता में आते ही समाज को अपने मूल हक अधिकार प्राप्त करवा दीया जाएगा पर सत्ता प्राप्त करते ही भूल जाती है।माहरा समुदाय के लोगों के साथ। कांग्रेस बीजेपी दोनों ही धोखा देने का काम कर रही है। और 30 से 30 सालों से धोखा देते आ रही है। जिससे आदिकाल से मूल निवास रथ माहरा समुदाय के लोगों को और पढ़ने वालों बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों का जिंदगी अधर में अटका है। खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। आदिकाल से निवासरत मूल माहरा समुदाय के साथ सरकार मूल हक अधिकार व न्याय प्राप्त ना करवा कर के गुमराह करते हुए अन्याय कर रही है जिससे माहरा समुदाय के लोग काफी दुखी और आक्रोशित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार चुनावसे पहले माहरा समुदाय को जाति बाहली करने का जो वादा किया था वादा के अनुसार किए हुए वादा को ध्यान में रखते हुए। माहरा समुदाय को अपने हक अधिकार व न्याय प्राप्त करवातेहुए चुनाव से पहले किए हुए वादा को निभाने का काम करें।ताकि माहरा समुदाय के लोगों का कांग्रेस पार्टी के ऊपर भरोसा कायम रह सके।
