रायपुर 13 अप्रैल 2022/ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज शास्त्री चौक स्थित, राज्य महिला आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सुनवाई की गई।
आज के सुनवाई में प्रस्तुत प्रकरण में अनावेदक पक्ष के द्वारा लिखित उत्तर दस्तावेज सहित प्रस्तुत किया गया है। जिसकी प्रति आवेदिका को दिया गया। अनावेदकगण के अनुसार केवल जीपीएफ की राशि आवेदन करने पर दिया जा सकता है। आवेदिका ने व्यक्त किया कि जीपीएफ के अलावा ग्रेच्युटी और नगदी करंट का लगभग 10 लाख रूपये विभाग में है जिसे प्राप्त करने की अधिकारिता रखती है। अनावेदक के द्वारा पिछली सुनवाई में निर्वाह हेतु तैयारी से जवाब प्रस्तुत करने का निर्देष दिया गया था।जिसका पालन आज तक नहीं किया गया है। उच्च न्यायालय के प्रकरण का हवाला दिया जा रहा है। ऐसी दशा में आवेदिका विस्तार से लिखित उत्तर और दस्तावेज के साथ अगली सुनवाई में प्रस्तुत करे कि उनके पति के सेवा का किन-किन मदों में लगभग कितनी राशि अनावेदकगण के विभाग में जमा है ताकि उस पर निर्णय लिया जा सकें।
एक अन्य प्रकरण में अनावेदक ने आवेदिका को पुराना बकाया तीन माह का 15 हज़ार रूपये आयोग के समक्ष दिया। अनावेदक प्रतिमाह 5000 रूपये आवेदिका के बैंक एकाउंट में डालेगा। आवेदिका ने अपने बैंक एकाउंट दिया है यदि अनावेदक भरण-पोषण देने में आनाकानी करता है तो आवेदिका पुनः आवेदन कर सकेगी। ताकि सीधे अनावेदक के वेतन से आवेदिका के एकाउंट में पैसा दिया जा सकेगा या अनावेदक के खिलाफ एफआईआर करने का निर्देश भी दिया जा सकेगा। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है।
एक अन्य प्रकरण में आयोग द्वारा दिये गए निर्देश का पालन करते हुए आवेदिका ने अनावेदक को पूर्व में प्रेषित कर दिया था। अनावेदक ने आज सुनवाई में आवेदिका को लिखित जानकारी दस्तावेज सहित प्रस्तुत किया है। यह प्रकरण शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के मध्य का है। आयोग ने आवेदिका को एक अवसर देते हुए अनावेदक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है तभी इस प्रकरण का निराकरण किया जा सकेगा। इस प्रकरण को आगामी सुनवाई में रखा गया है।
आज जनसुनवाई में 4 प्रकरण में सभी पक्षकार उपस्थित हुए है तथा 2 प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया शेष अन्य प्रकरण को आगामी सुनवाई में रखा गया।
