रायपुर । ।पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ वर्तमान में 10 सूत्री मांगों को पूरा कराने के लिए 17 मई से लगातार हड़ताल कर रहे हैं , जिसमें किसी भी प्रकार का लिखित आश्वासन भी नहीं दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय में जमीन विवाद, कुर्की जैसे घटनाएं हुई है। अनुसूचित जाति जनजाति परिषद द्वारा प्रमोशन एवं डिमोशन को लेकर लगभग 3 महीने से अधिक समय तक धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल करके जांच की मांग कर रहे हैं । विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं के हॉस्टल की अलग-अलग लगातार समस्याएं आ रही है। वर्तमान में विश्व विद्यालय का कामकाज पूरी तरह से ठप्प पड़ा हुआ है। *विश्वविद्यालय में अगले दो तीन माह के बाद नेक की टीम विश्वविद्यालय का ग्रेडिंग करने आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की लगातार उदासीनता के मद्देनजर प्रशासनिक एवं अकादमिक व्यवस्था को दुरुस्त करने कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से आई.ए.एस. अफसर को कुलसचिव बनाने की मांग करता है*। गौरतलब है कि इस विश्वविद्यालय में मई-जून 2015 में संविदा अधिकारियों के नियम विरुद्ध कार्यों को देखकर विश्वविद्यालय अधिनियम, परिनियम, विनियम एवं शासन के आदेश का पालन कराने ,सभी संविदा अधिकारियों को हटाने ,इनके कार्यकाल की जांच करने, शिक्षकों एवं वरिष्ठ कर्मचारियों का प्रभार देने, कार्यपरिषद में एक कर्मचारी प्रतिनिधि को शामिल करने, कर्मचारियों को वि.वि. परिनियम एवं शासन के आरक्षण, रोस्टर का पालन करते हुए प्रतिवर्ष पदोन्नति देने एवं अन्य 11 मांगों को लेकर हड़ताल किया गया था। जनवरी 2016 में फिर से इन्हीं मांगों को लेकर हड़ताल किया गया, लेकिन दीक्षांत समारोह में माननीय केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी के मुख्य अतिथि के रूप में आगमन को देखकर कुलपति के समझाइश पर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखकर हड़ताल को स्थगित कर दिया गया था , लेकिन मानव संसाधन मंत्री के दीक्षांत समारोह में नहीं आने, विश्वविद्यालय को ए. प्लस अथवा ए. डबल प्लस ग्रेडिंग दिलाने के लिए संघ ने संस्थाहित में हड़ताल को स्थगित किया था ।
कर्मचारी मांगों को पूरा नहीं करने के कारण ही पूर्व कुलाधिपति टंडन जी ने
22 वें दीक्षांत समारोह में शामिल नही होकर दीक्षांत समारोह का बहिष्कार कर दिया था , तब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कुलपति का सम्मान रखने कुलाधिपति के स्थान पर अध्यक्षता कर दीक्षांत समारोह को पूरा कराया था , उसी समय संघ ने पूर्व मुख्यमंत्री से सवाल किया था कि विश्वविद्यालय में कुलपति बड़े होते हैं कि कुलाधिपति । इसी सवाल के कारण नेक टीम के आगमन को देखते हुए एवं विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए कुलसचिव के.के. चंद्राकर को हटाकर पहली बार आई.ए.एस. अफसर को विश्वविद्यालय का कुलसचिव बनाया गया था। उसी प्रकार वर्तमान में नैक टीम के आगमन को देखते हुए आई.ए.एस. अफसर को कुलसचिव बनाए जाने की मांग की । ऐसे अफसर के आ जाने से पूर्व के विकास कार्य एवम पिछड़े एकेडमिक कैलेंडर को पूरा कराने में एक अहम गति मिलेगा , विवादित मामले सुलझ जाएगा, जमीन विवाद कुर्की जैसे कार्यों पर विराम लगेगा। प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होगा । संघ के अध्यक्ष श्रवण सिंह ठाकुर एवं सचिव प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि संघ द्वारा 7 वर्षों बाद मई 2022 में फिर से विश्वविद्यालय अधिनियम परि नियम, समन्वय समिति, आरक्षण ,रोस्टर एवं शासन के आदेश का पालन करने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं सहित 10 सूत्री मांगों को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है । भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के आ जाने से वि, वि, में नियम कानून के तहत मांगे कर्मचारियों की पूरी होगी, विश्वविद्यालय के ग्रेडेशन में सुधार होगा, विश्वविद्यालय में एक शांति का वातावरण निर्मित होगा और विश्वविद्यालय को बेहतर ग्रेड दिलाने के लिए सभी का सहयोग मिलेगा । यदि राज्य शासन के पास आई.ए.एस. अफसरों की कमी है तो संविदा का आई.ए.एस. अफसर को कुलसचिव बनाने के लिए मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया है, ऐसे अफसर विश्वविद्यालय के आने से वि, वि, में विकास का मार्ग प्रशस्त होगा जिसका लाभ शिक्षक , अधिकारी और कर्मचारियों को मिलेगा कर्मचारी संघ ने आज 31मई को धरना स्थल में ही वि, वि, से सेवानिवृत होने वाले डा हेमंत शर्मा पूर्व अध्यक्ष कर्मचारी संघ , श्री गणेश राम यादव जी
उपसचिव कर्मचारी संघ एवम श्री तोरण लाल यादव वरिष्ठ सदस्य को कर्मचारी संघ ने बुके आदि देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की । श्रवण सिंह ठाकुर अध्यक्ष, प्रदीप कुमार मिश्र सचिव , पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ रायपुर।
