Skip to content
June 1, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Vrihad Bharat

Vrihad Bharat

News Portal of Chhattisgarh

  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • खेल
  • राजनीति
  • अपराध
  • स्वास्थ्य
  • टेक्नोलॉजी
Watch Videos
  • Home
  • कैट के प्रयासों से फुटवियर पर बीआईएस मानकों की बाध्यता के आदेश को केंद्र सरकार ने एक वर्ष के लिए स्थगित किया
  • Newsbeat
  • छत्तीसगढ़

कैट के प्रयासों से फुटवियर पर बीआईएस मानकों की बाध्यता के आदेश को केंद्र सरकार ने एक वर्ष के लिए स्थगित किया

Purushottam Manhare June 5, 2022

कैट

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं मीड़िया प्रभारी संजय चौंबे ने बताया कि कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की पहल तथा देश के फुटवियर व्यापार के बड़े संगठन इंडीयन फ़ुटवियर एसोसिएशन के सतत प्रयासों से प्रदेश सहित देश भर के फुटवियर व्यापारियों की केंद्र सरकार ने एक बड़ा लाभ दिया है। कल केंद्र सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना के ज़रिए फ़ुटवियर व्यापारियों एवं निर्माताओं पर बीआईएस मानकों की बाध्यता के आदेश को 1 वर्ष के लिए स्थगित किया है। अधिसूचना के मुताबिक अब यह आदेश देश में 1 जुलाई से लागू होगा। इसी क्रम में कल कैट के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष श्री विवेक जौहरी से भी मुलाकात कर फुटवियर पर 5 प्रतिशत जीएसटी कर लगाने की जोरदार वकालत की है।

ज्ञातव्य है की कैट ने इस मुद्दे को बड़े प्रमुख रूप से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल के साथ पिछले दिनों उठाया था और दलील दी थी की देश भर में बड़ी संख्या में फुटवियर बनाने वाले छोटे निर्माता और व्यापारी जो सस्ते जूते एवं चप्पल बनाते और बेचते हैं और उन्हें देश के 85 प्रतिशत से अधिक लोग पहनते हैं, के लिए बीआईएस के मानकों का पालन करना असम्भव है और यदि इस बाध्यता को समाप्त नहीं किया गया तो बड़ी मात्रा में फुटवियर का व्यापार हमारे छोटे व्यापारियों के हाथ से निकल जाएगा और जिसके स्थान पर विदेशी जूते चप्पल बिकेंगे तथा इसी क्रम में चीनी सामान भी बड़ी मात्रा में बिकेगा।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष  जितेन्द्र दोशी ने वाणिज्य मंत्री  पीयूष गोयल का आभार व्यक्त करते हुए कहा की श्री गोयल ने फुटवियर पर कैट द्वारा उठाए गए मुद्दों को समझा और देश के व्यापार के जमीनी हकीकत को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत देश के फ़ुटवियर निर्माताओं और व्यापारियों को बीआईएस की बाध्यता से फ़िलहाल एक वर्ष के लिए मुक्ति दी है। श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने बताया की फ़ुटवियर व्यापार के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय संगठन इंडीयन फ़ुटवियर एसोसिएशन ने श्री गोयल को विश्वास दिया है की बेशक बीआईएस की बाध्यता न हो किंतु फिर भी देश भर में फ़ुटवियर निर्माता अच्छी गुणवत्ता का सामान बनाएँगे जिससे भारत के फुटवियर उत्पादों का दुनिया भर में बड़ी मात्रा में निर्यात हो सके ।

श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने बताया की भारत में 85 प्रतिशत फुटवियर का उत्पादन बड़े पैमाने पर छोटे और गरीब लोगों द्वारा किया जाता है या घर में चल रहे उद्योग एवं कुटीर उद्योग में किया जाता है, इस वजह से भारत में फुटवियर निर्माण के बड़े हिस्से पर बीआईएस मानकों का पालन करना बेहद मुश्किल काम है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर निर्माता है। पूरे भारत में फैली दस हजार से अधिक निर्माण इकाइयां और लगभग 1.5 लाख फुटवियर व्यापारी 30 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं जिनमें ज्यादातर फुटवियर बेहद सस्ते और पैरों की केवल सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं । मकान और कपडे की तरह फुटवियर भी एक आवश्यक वस्तु है जिसके बिना कोई घर से बाहर नहीं निकल सकता है इसमें बड़ी आबादी घर में काम करने वाली महिलाएं, मजदूर, छात्र एवं आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न वर्ग के लोग हैं। देश की 60 प्रतिशत आबादी 30 रुपये से 250 रुपये की कीमत के फुटवियर पहनती है वहीं लगभग 15 प्रतिशत आबादी रुपये 250 से रुपये 500 की कीमत के फुटवियर का इस्तेमाल करती और 10 प्रतिशत लोग 500 रुपये से 1000 रुपये तक के जूते का उपयोग करते हैं। शेष 15 प्रतिशत लोग बड़ी फुटवियर कंपनियों अथवा आयातित ब्रांडों द्वारा निर्मित चप्पल, सैंडल या जूते खरीदते हैं।

दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा की भारत में फुटवियर के निर्माण में क्योंकि 85 प्रतिशत निर्माता बहुत छोटे पैमाने पर निर्माण करते हैं एवं निर्माण की बुनियादी जरूरतों से भी महरूम हैं इसलिए उनके लिए सरकार द्वारा फुटवियर के लिए निर्धारित बीआईएस मानकों का पालन करना असंभव होगा। साधू संतों की खड़ाऊं, पंडितों द्वारा उपयोग की जाने वाली चप्पल, मजदूरों द्वारा पहने जाने वाले रबड़ और प्लास्टिक के फुटवियर पर क्या बीआईएस मानकों का पालन संभव है, इस पर विचार करना बहुत जरूरी है। इन मानकों का पालन केवल बड़े स्थापित निर्माताओं या आयातित ब्रांडों द्वारा ही किया जा सकता है। भारत विविधताओं का देश है जहां गरीब तबके, निम्न या मध्यम वर्ग, उच्च मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग के लोगों के विभिन्न वर्ग अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार विभिन्न प्रकार के फुटवियर पहनते हैं, ऐसी परिस्थितियों में केवल एक लाठी से सबको हांकना फुटवियर उद्योग के साथ बड़ा अन्याय होगा ।

About Author

Purushottam Manhare

See author's posts

Tags: news Raipur

Post navigation

Previous छग प्रदेश के स्कूलों में शुरू हो रहे शिक्षा सत्र के लिए शिक्षकों की व्यवस्था तक नहीं?-भानु प्रकाश चंद्रा, प्रदेश संगठन मंत्री, आप
Next त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2022* *निर्वाचन प्रक्रिया सतर्कता एवं सजगता के साथ पूर्ण करें-राज्य निर्वाचन आयुक्त

Related Stories

उत्पादन और बिक्री मिलियन टन में, और वित्तीय आंकड़े करोड़ रुपये में
  • Latest
  • Newsbeat
  • छत्तीसगढ़

उत्पादन और बिक्री मिलियन टन में, और वित्तीय आंकड़े करोड़ रुपये में

May 30, 2026
नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को कम लागत में मिलेगा बेहतर उत्पादन: कृषि मंत्री  नेताम*
  • Latest
  • Newsbeat
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीति

नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को कम लागत में मिलेगा बेहतर उत्पादन: कृषि मंत्री  नेताम*

May 27, 2026
अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • Latest
  • Uncategorized
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीति

अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

May 27, 2026

Recent Posts

  • उत्पादन और बिक्री मिलियन टन में, और वित्तीय आंकड़े करोड़ रुपये में
  • नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को कम लागत में मिलेगा बेहतर उत्पादन: कृषि मंत्री  नेताम*
  • अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • जर्किन और डब्बों में पेट्रोल-डीजल नहीं देने का आदेश बेतुका, किसान और ग्रामीण जनता के हितों के खिलाफ : देवलाल नरेटी, 
  • सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया में अनर्गल टिप्पणी,श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने थाना घेरा ,की जमकर नारेबाजी,

You may have missed

उत्पादन और बिक्री मिलियन टन में, और वित्तीय आंकड़े करोड़ रुपये में
  • Latest
  • Newsbeat
  • छत्तीसगढ़

उत्पादन और बिक्री मिलियन टन में, और वित्तीय आंकड़े करोड़ रुपये में

May 30, 2026
नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को कम लागत में मिलेगा बेहतर उत्पादन: कृषि मंत्री  नेताम*
  • Latest
  • Newsbeat
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीति

नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को कम लागत में मिलेगा बेहतर उत्पादन: कृषि मंत्री  नेताम*

May 27, 2026
अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • Latest
  • Uncategorized
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीति

अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

May 27, 2026
जर्किन और डब्बों में पेट्रोल-डीजल नहीं देने का आदेश बेतुका, किसान और ग्रामीण जनता के हितों के खिलाफ : देवलाल नरेटी, 
  • Latest
  • Newsbeat
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीति

जर्किन और डब्बों में पेट्रोल-डीजल नहीं देने का आदेश बेतुका, किसान और ग्रामीण जनता के हितों के खिलाफ : देवलाल नरेटी, 

May 27, 2026

Recent Posts

  • उत्पादन और बिक्री मिलियन टन में, और वित्तीय आंकड़े करोड़ रुपये में
  • नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को कम लागत में मिलेगा बेहतर उत्पादन: कृषि मंत्री  नेताम*
  • अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • जर्किन और डब्बों में पेट्रोल-डीजल नहीं देने का आदेश बेतुका, किसान और ग्रामीण जनता के हितों के खिलाफ : देवलाल नरेटी, 
  • सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया में अनर्गल टिप्पणी,श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने थाना घेरा ,की जमकर नारेबाजी,
  • Home
  • Contact
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.