– आज राज्य स्तरीय बैठक में समीक्षा करेगा छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन
रायपुर. पिछले 35 दिनों से प्रदेश के समस्त सरकारी निर्माण विभागों में टेंडर बहिष्कार से पूरी प्रक्रिया ठप हो चुकी है। इस वजह से विभागों के अफसरों को दो से तीन बार टेंडर की तारीखें आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा हैं। इसे देखते हुए छत्तीसगढ कांट्रेक्टर्स एसोिसएशन ने सोमवार को एक बार फिर प्रदेश स्तरीय बैठक करने जा रहा है, जिसमें सभी मुद्दों पर विस्तार से मंथन कर निर्णय होगा।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोिसएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने जारी बयान में कहा कि 15 साल पुराने शेड्यूल ऑफ रेट आज के समय में बढ़ते निर्माण सामग्री के कारण कांट्रेक्टरों की आर्थिक स्थिति खराब हुई हैं। एसोसिएशन द्वारा मुख्य रूप से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सर्वसम्मित से 14 मई से प्रदेशभर में निविदा बहिष्कार का ऐलान किया था, जिसके कारण प्रदेश में निर्माण विभागों के कायो की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इस दौरान विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ ही लोक निर्माण, जल संसाधन जैसे विभागों के मंत्रियों ताम्रध्वज साहू, रविद्र चौबे से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया है। एसोसिएशन की जायज मांगों को देखते हुए कई मुद्दों पर सहमित भी बनी है, परंतु निराकरण के नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं। क्योंकि राहत पैकज सहित अनेक विसंगतियों का निराकरण शासन स्तर पर होना है। इसके लिए कांट्रेक्टरों का संघर्ष जारी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला का मानना है कि कांट्रेक्टरों का उद्देश्य विकास कार्यो को हमेशा आगे बढ़ाने का रहा है। परंतु मजबूर होकर टेंडर बहिष्कार करने जैसा निर्णय लेना लेना पड़ा है, इस बात का शासन-प्रशासन को समझना चाहिए।






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कई मुद्दों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से होगा निर्णय
एसोसिएशन के प्रदेश बीरेश शुक्ला ने बताया कि टेंडर बहिष्कार को 35 दिन बीत चुका है। इसलिए प्रदेश स्तरीय बैठक में सभी बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। साथ ही आगे किस तरह संघर्ष को जारी रखा जाए, उस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा, ताकि कांट्रेक्टरों की समस्याओं का निराकरण भी हो सके और निर्माण कार्यो की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सके।
