*निकली भव्य कलश यात्रा।शामिल हुए हज़ार से अधिक भक्त*
*अम्बिकापुर*:-ज्ञात हो कि कलश भारतीय संस्कृति का अग्रगण्य प्रतीक है कलश विश्व ब्रह्मांड भू-पिंड यानी ग्लोब का प्रतीक माना गया है इस कलश रूपी पिंड या ब्रह्मांड के व्यष्टि और समष्टि में संपूर्ण देवता एक साथ समाए हुए हैं कलश को सभी देव शक्तियों तीर्थों आदि का संयुक्त प्रतीक मानकर उसे स्थापित एवं पूजित किया जाता है अम्बिकापुर में माता बनभौरी का मंदिर बन कर तैयार हो गया है व मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी जोरों पर है।गत दिनों माता बनभौरी मंदिर के लिए माता भक्त हरियाणा हिसार के माता धाम से माता की ज्योत लेकर आये थे जिसका शहर के साथ साथ सरगुजा संभाग भर में भव्य स्वागत किया गया था।मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव सात दिवसीय होगा जो कि 30 जून से प्रारम्भ होकर 6 जुलाई को समाप्त होगा।उत्सव के प्रथम दिन माता की कलश यात्रा के साथ साथ निशान यात्रा भी निकाली गई जो कि राम मंदिर से प्रातः 7 बजे प्रारंभ हो कर पैलेस रोड,अग्रसेन चौक,अग्रसेन मार्ग होते हुए कुंडला सिटी स्थिति नव निर्मित मंदिर पहुँचीं।यात्रा में एक हज़ार से अधिक महिलाएं व सैकड़ों पुरुष शामिल हुए।महिलाएं कलश तो पुरुष निशान थामे माता की भक्ति में दिखे।
*हज़ारों महिलाओं की एक रंग की साड़ी रही आकर्षण का केंद्र बिंदु*






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कलश यात्रा में हज़ार से अधिक महिलाएं शामिल हुई सभी की पोशाक एक जैसी थी,सभी महिलाओं ने पीली साड़ी पहनी हुई थी।साथ ही पुरषों के पोशाक भी एक जैसे थे पुरषों ने भगवे रंग के कुर्ते पहने हुए थे।यात्रा में बड़ी संख्या में एक जैसे पोशाक पहने भक्त अकर्षक लग रहे थे।



*सात दिवसीय होगा प्राण प्रतिष्ठा उत्सव*
माता बनभौरी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा उत्सव 7 दिवसीय होगा जिसका शुभारंभ कलश यात्रा से हुआ।उत्सव आज 30 जून गुप्त नवरात्र के प्रथम दिवस से प्रारम्भ हो कर 6 जुलाई को संपन्न होगा।कलश यात्रा के साथ ही आज से 7 दिवसीय विशेष पूजा अर्चना प्रारम्भ हो जाएगी।जिसमे देव प्रतिष्ठा व 9 ब्राह्मणों द्वारा पूजा संपन्न कराया जाएगा।तत्पश्चात 4 जुलाई को विशाल शोभायात्रा निकलेगी व शोभायात्रा के पश्चात शाम को बाहर से आये प्रख्यात कलाकारों द्वारा अपने भजनों से सभी भक्तों को माता की भक्ति में लीन करवाएंगे।5 जुलाई को मेहंदी उत्सव,डांडिया उत्सव,व माँ का जागरण होगा।6 जुलाई को प्रातः सवामनी व छप्पन भोग लगाया जाएगा तत्पश्चात दोपहर 1 बजे महा मंगलपाठ होगा।व शाम 6 बजे से भजन संगीत का कार्यक्रम होगा।
