पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष श्रवण सिंह ठाकुर के घर में फिर से बिटिया के जन्म लेने से 3 परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई।
श्रवण सिंह ठाकुर ने बताया कि आज से 5 वर्ष पूर्व डॉक्टरों की लापरवाही से इनकी 24 साल की बिटिया का आकस्मिक निधन हो गया था, जब वह बी. आई .टी. इंजीनियरिंग कॉलेज, रायपुर में अंतिम वर्ष की छात्रा थी। इस हृदय विदारक घटना से वह काफी विचलित हो गए थे ,उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था , जिससे वह मरणासन्न की स्थिति में आ गए थे । वह तीन परिवारों की अकेली बिटिया थी । 1 साल तक तीनों परिवारों की स्थिति ठीक नहीं थी , लेकिन समय के साथ-साथ जीवन सामान्य हुआ। कोरोना वायरस काल में अपनी बिटिया की तृतीय पुण्यतिथि में इस प्रदेश के यशस्वी छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नाम से 1 दिन का वेतन कोरोना वायरस के लिए एवं ₹21, 000 मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया गया । उन्होंने मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया था कि यह राशि सुदूर अंचल के अंतिम गरीब आदिवासी व्यक्ति के कुपोषित बेटी पर खर्च किया जाए । श्री ठाकुर ने कहा कि 5 साल पहले जिस ऊपर वाले ने हमारी बिटिया ,,निधि ,,को वापस बुलाकर हमारी हंसी छीन ली थी, हमारा परिवार पूरी तरह से बिखर गया था । हमने इस जहर को 5 साल तक किया , आज वही बिटिया अमृत के रूप में ईश्वर की कृपा से हमारे बेटे की बिटिया बनकर फिर से निधि के रूप में,, यथा नाम तथा गुण,, की तरह इसी जीवन में फिर से हंसाने आ गई । हमारे तीन परिवारों का जीवन फिर से हरा भरा हो गया है। आज हमारे पास जो कुछ भी है , हमारी बिटिया की वजह से है। इस कृपा के लिए हमारा परिवार ईश्वर का आभार मानता है।
श्रवण सिंह ठाकुर पूर्व अध्यक्ष कर्मचारी संघ पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर








