रायपुर।राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में 18 जनवरी 2023 को ”इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स 2k23” पर इनफॉर्मेटिव सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का आयोजन संस्थान की टीम एनएसएस द्वारा किया गया था। सत्र का संचालन टीम एनएसएस के प्रोफ़ेसर-इन-चार्ज डॉ. गोवर्धन भट्ट के मार्गदर्शन में किया गया ।
सत्र का मुख्य उद्देश्य संस्थान के छात्रों को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स से अवगत करवाना और उसके बारे में जागरूक करना था। सत्र के मुख्य अतिथि आईएआरआई रायपुर के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. विनोद चौधरी और सम्मानित अतिथि अक्षय पात्र फाउंडेशन के सदस्य थे। अक्षय पात्र फाउंडेशन जरुरतमंद छात्रों को उनके विद्यालय में जाकर पोषक भोजन करवाती है और उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी उठाती है। सत्र का शुभारंभ डॉ. गोवर्धन भट्ट की वेलकम स्पीच के साथ हुआ और उन्होंने सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. विनोद चौधरी सम्मानित अतिथि अक्षय पात्र फाउंडेशन के सदस्यों का स्वागत किया । इसके बाद डॉ. विनोद चौधरी ने सत्र को आगे बढ़ाया और बाजरे, कोदो , कुटकी जैसे अन्य मोटे अनाजों के बारे में जानकारी देते हुए सत्र की शुरुआत की और कहा कि बाजरा एक सेहत प्रदान करने वाला भोजन है और इसमें चावल और गेहूँ की तुलना में मधुमेह का खतरा कम होता है। उन्होंने बाजरे को किसानों एवं वातावरण के लिए अच्छा बताया। इसके बाद उन्होंने भारत के विश्वस्तर पर बाजरे के उत्पादन की जानकारी दी और कहा कि भारत प्रतिवर्ष 1 लाख 78 हजार टन बाजरे का उत्पादन करता है और भारत विश्व के कुल बाजरे के उत्पादन में से 41% उत्पादन करने के साथ ही विश्व में बाजरे का शीर्ष उत्पादक है। उन्होंने बाजरा उत्पादन को भारत की अर्थव्यवस्था का एक मुख्य स्रोत बताया। इसके बाद डॉ. विनोद चौधरी ने बाजरे के आयुर्वेद में महत्व के बारे में बताया और बाजरे के विभिन्न प्रकारों की जानकारी दर्शकों को दी। विभिन्न मोटे अनाजों के गुणों के बारे में एवम वैश्विक स्तर पर उनकी महत्ता का वर्णन डॉ चौधरी द्वारा विस्तारपूर्वक किया गया |
सत्र का समापन डॉ. गोवर्धन भट्ट के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ और उन्होंने मुख्य अतिथि डॉ. विनोद चौधरी, सम्मानित अतिथि अक्षय पत्र फाउंडेशन और दर्शकों का धन्यवाद किया।






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