दन्तेवाड़ा /बचेली। दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के बैलाडीला बचेली मे सोमवार को अचानक हजारों की संख्या में आदिवासियों का प्रवेश होना लोगों के लिए चर्चा का विषय दूसरे दिन तक बना रहा। हर बार की तरह केवल और केवल एनएमडीसी घेराव को लेकर लोगों में चर्चा होता रहा लेकिन यहां बिल्कुल उलट 15 जून पर्यावारण संघर्ष दिवस को मनाने एकत्रित हुये। जिसमें हिस्सा लेने 3 जिले दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के ग्रामीण आदिवासी हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए। बचेली मे संघर्ष दिवस मे शामिल होने के लिए ग्रामीण अपनी व्यवस्था अनुसार चार चक्का, दस चक्का गाड़ियो मे 15 जून सोमवार की शाम हजारों आदिवासी ग्रामीण एनएमड़ीसी टाउनशिप बचेली मौजूद हॉकी ग्राउंड में एकत्रित हुए। ग्रामीण अपने खाने पीने का व्यवस्था कर रात में आसमान के नीचे ही डेरा डाल आराम किये। आदिवासियों के आगमन को देखते हुए रात से ही नगर में पुलिस कर्मियों की चौकसी जगह जगह पर सुरक्षा की दृष्टि से तैनात दिखे।
दूसरे दिन मंगलवार को हॉकी ग्राउंड में स्थानीय आ दिवासियों के मदद से मंच तैयार कर पर्यावरण को लेकर अपनी अपनी राय व्यक्त किया गया जिसमें उनके द्वारा 26 बिंदुओं पर
मंच के माध्यम से कार्यक्रम कर संदेश दिया :- जिसमे जल-जंगल, जमीन को प्रदूषित करना बंद करो, कारपोरेटी कारण सैन्यकीकरण से पर्यावारण नुक्सान करना बंद करें, मानव जाति, वन प्राणी (जीव-जन्तु) को नष्ट करना बंद करें, आदिवासियों पर हवाई बमबारी करना बंद करें, आदिवासियों को अत्याचार-हत्या नरसंहर कारना बंद करो, नया-नया खदान खोदई विस्तार करना बंद करें, बैलाडिला – विशाखापटनम तक डबाल रेल लाईन निर्माण करना बंद करो, ग्राम सभा बिना, नया पुलिस कैम्प-थाना स्थपित करना बंद करो, लाल पानी प्रभावित परिवारों को मुआवजा देना चाहिए, जल की रक्षा कौन करेगा.. ..हम करेंगे-हम करेंगे, जंगल की रक्षा कौन करेगा, हम……., जमीन की रक्षा कौन करेगा, हम…., पहाड़ो की रक्षा कौन करेगा, हम…….., बैलाडिला पहाड़ की खदान को रक्षा कौन करेगा….. हम…., पिटोड़ पहाड़, तराल पहाड़ किसका है……. हमारा है, लौह खदानों की रक्षा कौन करेगा…… हम……., आदिवासियों का नारा हैं, जल-जंगल, जमीन हमारा है, आदिवासी-गैरआदिवासी, एक हो, अडानी, एनएमडीसी-आर्सेलर मित्तल से समझो ले करने वाले दलाल मारके भगाओं, मजदूर किसन एकता जिंदाबाद, खदान खनान, लाल पानी प्रभावित पर्यावरण बचाओ मंच जिंदाबाद, पर्यावारण प्रकृति को बचाना है…. संघर्ष हमारा नारा है, जिना है तो ..लड़ना है, लड़ेंगे..जितेगें, इंकलाब ……..जिंदाबाद।
