रायपुर।
रेलवे सुरक्षा बल, रायपुर मंडल के द्वारा रेल यात्रियों के जान-माल की सुरक्षा के लिए निरंतर अनेक अभियान चलाये जा रहे है। इसी क्रम मे ‘ऑपरेशन नन्हे फरिस्ते’ के तहत ऐसे नाबालिक बच्चे जो अपने घर से बिना बताये चले जाते है एवं ट्रेन अथवा रेलवे परिक्षेत्र मे संदिग्द्ध अवस्था मे पाये जाते है तो उनका बचाव किया जाता है। इसी क्रम मे दिनांक 28.06.2023 को रेलवे सुरक्षा बल रायपुर को नाबालिक लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त सूचना पर सी.आई.बी. डिटेक्टीव विंग रे.सु.ब. रायपुर टीम एवं रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट रायपुर द्वारा प्लेटफार्म में खोजबीन एवं सघन चेंकिंग किया गया, चेकिंग के दौरान रायपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर- 2/3 के बिलासपुर छोर पर एक बालिका एवं नाबालिग बालिका को बैठे हुए पाया गया जिसमे से एक बालिका की उम्र-23 वर्ष एवं दूरी की उम्र-15 वर्ष लगभग है। परिजनो से संपर्क कर पूछताछ करने पर दोनो बालिकाऐं आपस में परिचित होने की जानकारी प्राप्त हुई। उन बालिकाओं को संरक्षण मे लेकर रेलवे चाईल्ड लाईन, रायपुर से संपर्क कर उक्त दोनो बालिकाओं के संबंध में जानकारी दी गयी। दोनो बालिकाओं को अग्रिम पूछताछ (काउंसलिंग) एवं उचित संरक्षण हेतु इस बाबत जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार के तहत बाल संरक्षण अधिनियम के नियमों का पालन करते हुए स्टेशन डायरेक्टर रायपुर के माध्यम से रेलवे चाईल्ड लाईन रायपुर को आगे की उचित कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया। रेलवे चाईल्ड लाईन रायपुर द्वारा उक्त दोनो बालिका को अपने संरक्षण में लेकर नाबालिग बालिका को बाल कल्याण समिति रायपुर को तथा बालिका को वन स्टाप सखी सेन्टर खम्हारडीह रायपुर, छत्तीसगढ को सुपुर्द किया गया। उक्त दोनो बालिकाओं के रेस्क्यु किये जाने मे सहायक उपनिरीक्षक, डी.सी.एच. बाबू, रे.सु.ब., रायपुर एवं उपनिरीक्षक, बी.आर.साहू, सहायक उपनिरीक्षक, यु.एस.श्रीवास, सहायक उपनिरीक्षक, एस.के.राठौर डिटेक्टिव विंग, रायपुर एवं उनकी टीम का सराहनीय योगदान रहा।








