“मुख्यमंत्री निवास घेराव” के लिए निकले अनियमित कर्मचारियों को
रेलवे लाइन के पास पुलिस ने रोका|
सक्षम प्राधिकारी ज्ञापन नहीं लेने आए तो गुस्साए कर्मचारियों ने
ज्ञापन फाड़ कर जलाया|
गोपाल प्रसाद साहू प्रांतीय संयोजक छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों [संविदा, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, प्लेसमेंट, मानदेय, अशंकालिक, जाबदर, ठेका] अपने नियमितीकरण सहित 4 सूत्रीय मांगों को लेकर “छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा एवं छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन” के संयुक्त तत्वावधान में 14 जुलाई 23 को धरना-प्रदर्शन किया एवं मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकले, अनियमित कर्मचारियों को पुलिस प्रशासन ने रेलवे लाइन के पास रोक लिया तथा सक्षम प्राधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आने पर गुस्साए कर्मचारियों ने ज्ञापन फाड़ कर जलाया|






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श्री रामकुमार सिन्हा प्रांतीय संयोजक छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन ने बताया कि आन्दोलन को समर्थन देने अरुण साव, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, अमित जोगी, प्रदेश अध्यक्ष, जोगी जनता कांग्रेस पार्टी, हेमंत पोयम प्रदेश अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी, कोमल हुपेंडी प्रदेश संयोजक आप पार्टी एवं नवा कुमार सारानिया, सांसद कोकराझार आसाम आए|
श्री अरुण साव, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, श्री अमित जोगी, प्रदेश अध्यक्ष, जोगी जनता कांग्रेस पार्टी, श्री हेमंत पोयम प्रदेश अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी, कोमल हुपेंडी प्रदेश संयोजक आप पार्टी ने अनियमित कर्मचारियों की मांगो को चुनावी घोषणा पत्र में सम्मिलित कर सरकार आने पर समय सीमा में कार्यवाही करने की बात की एवं श्री नवा कुमार सारानिया, सांसद कोकराझार आसाम ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं को संसद में उठाने की बात कही|
श्री प्रेम प्रकाश गजेन्द्र सह संयोजक छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा ने बताया की प्रदेश के शासकीय 48 प्रशासनिक विभगों, 650 से अधिक शासकीय कार्यालयों के 60 से अधिक सहयोगी संगठनों/विभाग के 10 हजार से अधिक कर्मचारी इस आन्दोलन में सम्मिलित हुए|
4 सूत्रीय मांग:
1. समस्त अनियमित, दैनिक वेतनभोगी एवं संविदा कर्मचारी/अधिकारीयों को नियमित किया जावे तथा नियमितीकरण से वंचित को स्थायीकर्मी बनाकर स्थायीकरण किया जावे|
2. विगत वर्षों से निकाले गए/छटनी किये गए अनियमित कर्मचारियों को बहाल कर छटनी पर रोक लगाई जावे।
3. अंशकालिक कर्मचारियों को पूर्णकालीन किया जावे|
4. शासकीय सेवाओं में आउटसोर्सिंग/ठेका प्रथा को पुर्णतः समाप्त कर कर्मचारियों का समायोजन किया जावे तथा नियत अवधि में नियमित किया जावे|
मोर्चा एवं फेडरेशन के पदाधिकारियों यथा कमलनारायण साहू, चितरंजन दास, मिलापचंद यादव श्रीमती अनुसुइया वैद्य, उमेंद कुमार मार्कंडेय, मनोज सोना, राजेश गुप्ता, अरुण वैष्णव, राजेश गुप्ता, इंदु कश्यप, दोगेन्द्र जंघेल, राजकुमार साहू, युगल साहू , अशोक बघेल, आशीष पाण्डेय, भीमा राम तांदी, रामप्रसाद मंडावी, मनोज कुमार, दमेश्वर साहू , शांति लाल कुमेठी, विनोद बघेल, केदार सिंह राजपूत, रामसकल मिंज, नारायण मरकाम, गिरधर पटेल , आशीष तनेजा, महेंद्र शिवारे, तर्निश जांगडे, हेमंत वर्मा , विकास तिवारी ने सयुक्त रूप से कांग्रेस सरकार द्वारा मांगो पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं करने पर आन्दोलन गति देते हुए अनिश्चित आन्दोलन में जाने का अल्टीमेटम सरकार दिया| समस्त कर्मचारियों ने कार्यक्रम के कवरेग के लिए मिडिया को धन्यवाद ज्ञापित किया|
