Raipur
मुख्यमंत्री द्वारा छात्र एवं युवाओं से संभाग स्तर पर भेट मुलाकात कार्यक्रम को आयोजित किये जाने को लेकर भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री अंकित जायसवाल ने इस कार्यक्रम को युवाओं एवं छात्रों को बरगलाने व चुनाव से पहले राजनिती नौटंकी निरूपित किया है उन्होंने कहा की काग्रेस सरकार ने युवाओं के लिये बड़े-बड़े व झुठे वादे कर सत्ता तो प्राप्त कर ली पर उनसे वोट लेते ही युवाओं के सारे मुद्दों को दुध में पड़ी मख्खी की तरह निकाल कर फेंक दिया। प्रदेश महामंत्री अंकित जायसवाल ने कहा की यह भेट मुलाकात का कार्यक्रम पुरी तरह से एक ड्रामा है, इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिये एन.एस.यु.आई. एवं युवक कांग्रेस के द्वारा प्रध्यापकों के साथ मिलकर छात्रों का चयन एक माह पूर्व ही कर लिया गया था। एवं छात्र को क्या प्रश्न पुछना है यह भी तय किया जा चुका है। क्योकि उन्हे पता कि युवा व छात्र सरकार की करसतानी से बहुत अधिक व्यत्थीत एवं क्षुब्ध हैं, प्रदेश महामंत्री अंकित जायसवाल ने यह कहा की यदि मुख्यमंत्री मे साहस है तो युवा बेरोजगारों का सामना किला रूपी डोम से बाहर निकल कर समान्य युवा एवं छात्रों से करे, उन्हों ने कहा की विधानसभा के पटल पर पूछे गये प्रश्न पर दिये गये उत्तर के अनुसार प्रदेश में आज लगभग 20 लाख युवा बेरोजगार हैं परंतु मुख्यमंत्री द्वारा अगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुये साढ़े चार वर्ष के पश्चात् कुछ चयनित लोगों को ही बेरोजगारी भत्ता देने का निर्णय लिया गया। और उस पर चयन सिमा के लिये ऐसे नये नियम लगा दिये गये जिसकी परिधि में प्रदेश के 10 प्रतिशत् युवा बेरोजगार भी नहीं आते, आपके द्वारा किये गये इस छल का जवाब देने के लिये युवा चुनाव का इंतजार कर रहें हैं।
भत्ता तो भत्ता आपने रोजगार में भी युवाओं के साथ छल व भ्रष्टाचार का खेल जारी रखा राज्य प्रशासनिक सेवा जैसे महत्वपूर्ण पदो में भी अधिकारी बड़े नेताओं व अपने प्रिय जानों के बच्चों का चयन कर पुरी चयन प्रक्रिया को कलंकित करने का काम किया है। व्यापम के शिक्षक भर्ती में पर्याप्त ऑब्जर्वर होने के बाद भी ओ. एम. आर सिट गायब हो जाना अपकी सरकार की भ्रष्ट चरित्र का जिता जागता उदाहरण है, भारतीय जनता युवा मोर्चा मुख्यमंत्री से मांग करता है कि युवाओं के साथ भेट मुलाकात के इस कार्यक्रम को काग्रेस पार्टी का ड्रामा न बनाये बल्की सरकार के प्रति युवाओं के दृष्टिकोण को स्वतंत्र अभिव्यक्ति प्रदान करने की दृष्टि से आयोजित करें ।







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