एस् एच अजहर दंतेवाड़ा किरंदुल 12 रबि उल नूर का चांद नजर आने के बाद सुन्नी मदीना मस्जिद में परचम कुशाई की रस्म अदा की गई और मुल्क में अमन सुकून सलामती की दुआ मांगी गई इस दौरान सन्नी मदीना मस्जिद के इमाम इकबाल रजा नजिर रज़ा सेक्रेटरी नजमुल हक नायब सदर अनवर खान शब्बीर रज़ा फिरोज रजा सैयद आरिफ मोहम्मद शमशाद आदि मौजूद थे बता दे मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरु हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इसी महीने उर्दू तारीख के मुताबिक 12 रवि अव्वल सोमवार के दिन सुबह सादिक के वक्त यानी सुबह फजर की नमाज से पहले विलादत यानी जन्म हुआ था उसी के उपलक्ष में मुस्लिम समुदाय अपने मोहम्मद साहब का जन्म दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं आपको बताते चले कि इस दिन जुलुसे मोहम्मदी मुस्लिम समुदाय के द्वारा निकाला जाता है और नगर भ्रमण करते हुए वापस मस्जिद पहुंचते हैं और फतिया खानी सलातो सलाम के बाद मुल्क में अमन व चैन सुकून शांति के लिए दुआएं मांगी जाती है और आम लंगर का तमाम किया जाता है जिसमें समाज के सभी लोग शिरकत करते हैं








