रायपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम से सहायक प्राध्यापक नियुक्ति में हुए गड़बड़ी के विषय में ज्ञापन सौंपा था।महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, पाटन में दोषपूर्ण नियम विरूध्द भर्ती प्रक्रिया तथा प्रबंध मंडल के गठन में की गयी अनियमितता की शिकायत कृषि मंत्री से की थी, जिस पर कार्यवाही करते हुए भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गयी।
अभाविप के कृषि विद्यार्थी कार्य संयोजक श्री निखिल तिवारी ने कहा की महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा सहायक प्राध्यापक के 35 पदों की भर्ती के लिए बनाया गया स्कोर कार्ड में भारी गड़बड़ी सामने आयी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गाइड लाइन के अनुसार पीएचडी एवं नेट की परीक्षा के लिए पृथक-पृथक अंक देना था, जो कि नहीं किया गया था। इस कारण बड़ी संख्या में पीएचडी उम्मीदवार उपलब्ध होते हुए भी गैर पीएचडी धारी अभ्यर्थियों का चयन एवं नियुक्ति की गई थी। सहायक प्राध्यापक की चयन समिति के गठन में भी दोषपूर्ण प्रक्रिया अपनाई गई थी। विवि की चयन समिति में कुलसचिव द्वारा साक्षात्कार के अंक दिए गए थे, परंतु कुछ अभ्यर्थियों के चयन में कुलसचिव को अंक देने से रोक दिया गया था। साथ में सहायक प्राध्यापक की नियुक्तियों को अनुमोदन देने वाले प्रबंध मंडल का गठन भी त्रुटिपूर्ण किया गया था। नामांकित व्यक्ति एवं विशेषज्ञ विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुरूप नहीं थे। इससे छत्तीसगढ़ प्रदेश के पात्र एवं पीएचडी उपाधि प्राप्त अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में कम अंक देकर अन्य प्रदेश के उम्मीदवारों की नियुक्ति की गई थी। इन तथ्यों के अलावा भी अन्य तथ्य शिकायत पत्र में दिए गए थे। जिस पर संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया की जाँच तीन सदस्यीय समिति गठित कर सात दिवस के भीतर करवाकर नियमानुसार आगामी कार्यवाही किये जाने का मांग अभाविप ने की।
अभाविप ने कहा की यूनिवर्सिटी के मुखिया बैक डेट पर ज्वाइनिंग करवाने का प्रयास कर रहे है, बैक डेट पर अगर ज्वाइनिंग कराई जाएगी तो अभाविप आने वाले समय में उग्र आंदोलन करेगी।






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