एस एच अज़हर दंतेवाड़ा किरन्दुल-छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन होने के बाद दंतेवाड़ा जिले के लौह नगरी किरंदुल में भी नगर की सत्ता पलटने हेतु विरोधियों द्वारा पासा फेंका गया और पालिका परिषद में बागी कांग्रेसी प्रत्याशियों द्वारा पालिका अध्यक्ष मृणाल राय के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुरी तरह से फेल रहा।बागी कांग्रेसी पार्षद एवं विपक्ष द्वारा विगत कई दिनों से पालिका परिषद में लाये गए राजनीतिक भूचाल के बीच पालिका अध्यक्ष मृणाल राय अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे। बागी और विरोधी द्वारा मिलकर राजनीतिक दांव पेंच चलने के बाद भी वे मृणाल राय की कुर्सी को हिला नहीं सके।विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के जीत के बाद से ही नगर पालिका परिसद किरंदुल, जिसमें कि कांग्रेस के मृणाल राय अध्यक्ष पद पर काबिज है। उन्हें गद्दी से उतारने की कवायत विपक्षियों एवं कांग्रेसी बागी पार्षदों द्वारा शुरू कर दी गई थी तथा 13 पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए हस्ताक्षर युक्त आवेदन कलेक्टर दंतेवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत किया गया।जिस पर कार्यवाही करते हुए प्रशासन की ओर से सोमवार पालिका परिषद में सम्मिलन रखा गया।जिसमें पूरे 18 पार्षदों द्वारा वोटिंग करायी गई।जिसमें अध्यक्ष मृणाल राय के पक्ष में 10 मत व उनके विरुद्ध 8 मत पड़े।इस तरह बागी व विपक्षियों की साज़िश को नाकाम कर उनके द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव की धज्जियां उड़ाते हुए अपनी कुर्सी बचाने में मृणाल राय सफल रहे।








