रायपुर महानगर सहमंत्री सुजल ने बताया कि NEET परीक्षा के आयोजन के दिन ही देश के अलग-अलग हिस्सों में गड़बड़ियां सामने आईं थी तथा अलग-अलग स्थानों पर सॉल्वर पकड़े गए, 67 अभ्यर्थियों का 720 में से 720 अंक आना भी सभी को आश्चर्यचकित कर देता है तथा NTA के ऊपर प्रश्न चिन्ह भी खड़ा करता है। परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट बाद मालूम पड़ता है की प्रश्न पत्र गलत वितरण हुए है, इस धांधली के चलते 2 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या करली है।
NEET परीक्षा के परिणाम भी तय समय से 10 दिन पूर्व 4 जून को घोषित किए जाते है, जब देश भर की मीडिया लोकसभा चुनाव के परिणाम में व्यस्त होती है, 4 जून को परिणाम घोषित करना यह साफ दर्शाता है कि ब्यूरोक्रेसी में बैठे लोगों ने इस धांधली को छुपाने का पूर्ण प्रयास किया है।






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NEET अभियार्थी अन्वित दीक्षित ने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा की प्रक्रिया एवं परिणाम की शीघ्र जांच होनी चाहिए क्युकी एक ही सेंटर से कई विद्यार्थियो का एक समान अंक आए है, इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। नीट-यूजी परीक्षा के आयोजन और परिणाम में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके। नीट-यूजी परीक्षा परिणाम में पाई गई गड़बड़ियों जैसे की 1500 विद्यार्थियो को ग्रेस अंक देना यह सही नहीं है पूर्व में जब CBSE ने परीक्षा करायी तब हमे ऐसी चीजें देखने को नहीं मिलती थी इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
जब देश कोविड से लड़ रहा था तब डॉक्टर्स ने हमे बचाया था, अब हमारी बारी है कि NEET के अभ्यर्थियों के भविष्य को बचाने की।
अभाविप NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए न्याय की मांग करते हुवे NTA के पूरे प्रकरण की CBI जॉंच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करता है।
