रायपुर । विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के सभी संगठनों ने समय-समय पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं उच्च शिक्षा मंत्री जी को न्याय तंत्र , लोकतंत्र एवं प्रशासनिक तंत्र के मुखिया होने के नाते विश्वविद्यालय के विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए एवं विश्वविद्यालय की गोपनीयता को बनाए रखने शिक्षकों, कर्मचारियों की पीड़ा से समय समय पर अवगत कराते हुए विभिन्न माध्यमों से दर्जनों पत्र दिए हैं और मांगों को पूरा कराने लगातार 2 साल तक
कोरोना कल में केवल इंतजार ही किए थे लेकिन कहीं से कोई कार्यवाही एवं सहयोग नहीं मिलने पर कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालय अधिनियम , परीनियम, विनियम , शासन के आदेश, कार्यपरिषद के निर्णय का पालन कराने के लिए 2011 की तर्ज पर पांच सूत्री मांगों को पूरा कराने अक्टूबर-नवंबर 2021 में दो बार हड़ताल किया था , जिसमें पहली हड़ताल में सातवें वेतनमान को संरक्षित किया गया और दूसरे हड़ताल में तीन किस्तों के एरियर्स का भुगतान कराया गया तथा अन्य 17 सूत्री मांगों को राजभवन राज्य शासन को सौंप कर पूरा कराने का आग्रह किया गया है। संगठनों के पत्रों पर राजभवन एवं राज्य शासन द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा जा रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन जवाब नहीं दे पा रहा है, इसीलिए सभी संगठनों पर दबाव बनाने के लिए कुलसचिव जी के द्वारा भेदभाव पूर्ण विद्वेष से युक्त कर्मचारियों के सभी संघ के संगठनों को निलंबित करने का तुगलकी फरमान जारी किया गया है। जिसका कर्मचारी संघ कुलसचिव के इस कृत्य का कड़े शब्दो में कटु आलोचना करते हुए घोर निंदा करता है । कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्रवण सिह ठाकुर एवं प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि इसके पूर्व कर्मचारी संघ की
26 मार्च 2013 को 35 बिन्दुओं की शिकायत पर राजभवन के निर्देश पर संघ ने बायलॉज एवं सीए द्वारा पारित कराकर आय-व्यय की समस्त जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राजभवन को दिया था, लेकिन शिकायत पर जांच नहीं हुई । संघ ने 2015 में 13 सूत्री मांगों पर जांच की मांग को लेकर हड़ताल किया था, जिसमें पदोन्नति भी शामिल था, लेकिन शासन मे भी कोई जिम्मेदार अधिकारी सुनने वाला नही था, उस समय भी विश्वविद्यालय के मौखिक निर्देश पर तीन बार संघ का बायलॉज दिया था लेकिन कहीं से कोई कार्यवाही नहीं हुई थी। संगठन के बार-बार हड़ताल करने के कारण ही पूर्व कुलाधिपति माननीय टंडन सर जी ने 10 अगस्त 2016 को विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का बहिष्कार कर दिया था । विश्वविद्यालय ने दिसंबर माह में शिक्षक संघ, अनुसूचित जाति जनजाति परिषद पिछड़ा वर्ग कर्मचारी संघ से बायलॉज नियमावली एवं अन्य जानकारी तीन दिवस के भीतर वि, वि, प्रशासन विभाग में उपलब्ध कराए जाने का फरमान जारी किया था तब संघ ने पुनः संघ का बायलॉज एवं अन्य जानकारी उपलब्ध कराया था । संघ अतिशीघ्र कुलसचिव से मिलकर संगठनों के निलंबन को बहाली करने का आग्रह करेगा । साथ ही शासकीय कर्मचारीओ की भांति सातवे वेतनमान के चतुर्थ किश्त के एरियर्स का भुगतान शीघ्र करने की
मांग / निवेदन करेगा श्रवण सिंह ठाकुर अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा सचिव पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ रायपुर









