एस एच अज़हर
किरंदुल। प्रदेश में इन दिनों राज्य सरकार सुशासन तिहार अभियान चला रही है इसअभियान के तहत प्रदेश के मुख्यमंत्री भी गांव गांव पहुंच रहे हैं और लोगों की समस्याओं को दूर कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल का हाल कुछ और कह रहा है। यहां तो जिला प्रशासन सिर्फ कागजों में ही दिख रहा है धरातल में नहीं , यहां के लोगों की समस्या दूर करना तो दूर सुध लेना वाला ही कोई नहीं है लोगों की समस्या करना तो दूर और समस्या में झोंक दिया जा रहा
वह भी समस्या से अवगत होने के बाद भी, बता दें कि किरंदुल में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण किरंदुल जलमग्न हो गया है चारों तरफ पानी ही पानी है ,ज्ञात हो कि
छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर किरंदुल में 2024 में बारिश के कारण लोगों पर मुसिबतो का पहाड़ टूट प ड़ा था एनएमडीसी के लोह अयस्क मटेरियल लोगों के घरों में घुस गया था इससे हड़कंप मच गया था आज फिर करीब 40 मिनट की बारिश ने वही घटना को ताजा कर दिया और फिर जिला प्रशासन नगरीय प्रशासन की पोल खोल दी कि कितने सतर्क हैं प्रशासन व एनएमडीसी ।अभी इसतरह के मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी और प्रशासन एकबार फिर मुख दर्शक साबित हुआ। मुसलाधर बारिश में लोग कहां जाए पिछले साल 21 जून व 27 जून को आफत की बारिश हुई थी और लोगों को अपने घरों को छोड़कर मंगल भवन में शरण लेना पड़ा था हालांकि एनएमडीसी ने प्रभावितों को मुआवजा राशि तो दी लेकिन अभी तक उस समस्या का निदान नहीं कर पाया है और 2025 का म ई का महीना लगभग खत्म होने को है और जून में बारिश शुरू हो जाएगी लेकिन समस्या का स्थाई हल नहीं निकला। गया ।क्या इस बार भी आम जनता को शरणार्थी की तरह अपने घरों को छोड़कर रहना पड़ेगा क्या इसका कोई उपाय होगा या नहीं क्योंकि यह तो आम जनता है इन्हें तो परेशान होना ही पड़ेगा शासन प्रशासन थोड़े बहुत मुआवजा तो दे देंगे उसके बाद अपना पलड़ा झाड़ लेंगे आम जनता तबाही का मंजर देखेगी कई लोग फिर परेशान होंगे इसका जिम्मेदार कौन होगा। समय रहते जल्द इस समस्या का हल नहीं ढूंढा गया तो आने वाले समय में समस्या विकराल होने की आशंका दिख रही है। फिलहाल आज के बारिश ने
मुख्य मटन चिकन मछली मार्केट की स्थिति बद से बदहाल कर दिया है और इसका कारण है पुलिया खोदने से पहले कोई बैक अप प्लान तैयार नहीं किया गया जबकि सर्व विदित है कि किरंदुल में बारिश का कोई भरोसा नहीं होता है इस बार फिर ,नगर पालिका से बड़ी चूक हुई हैं जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।इतना ही नहीं बंगाली कैंप वार्ड क्रमांक 4 की स्थिति भी बेहद खराब है।






![]()


