एस एच अज़हर दंतेवाड़ा,: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान के तहत 2 इनामी माओवादियों सहित कुल 7 माओवादियों ने 6 जून 2025 को आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी और दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम शामिल हैं, जिन पर छत्तीसगढ़ शासन ने 50,000-50,000 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।आत्मसमर्पित माओवादियों का विवरण
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय थे, जिनमें:1 बोदली आरपीसी1 उतला आरपीसी2 पोमरा आरपीसी1 बेचापाल आरपीसी1 डुंगा आरपीसी1 पल्लेवाया आरपीसीये माओवादी नक्सली बंद सप्ताह के दौरान सड़कें खोदने, पेड़ काटने, नक्सली बैनर-पोस्टर लगाने और पाम्पलेट बांटने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे।लोन वर्राटू अभियान और पुनर्वास नीति की भूमिका
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक (परिचालन) सीआरपीएफ राकेश कुमार, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला, पूजा कुमार और रामकुमार बर्मन के मार्गदर्शन में लोन वर्राटू अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।नक्सलियों की अमानवीय विचारधारा, शोषण, अत्याचार, आंतरिक मतभेद और जंगलों में कठिन जीवन से तंग आकर ये माओवादी आत्मसमर्पण की ओर अग्रसर हुए। आत्मसमर्पण समारोह डीआरजी कार्यालय, दंतेवाड़ा में आयोजित हुआ, जिसमें वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों की उपस्थिति रही।पुनर्वास नीति के तहत सहायता
आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत 50,000 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि भूमि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।अभियान की उपलब्धियां
लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 238 इनामी माओवादियों सहित कुल 991 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। इस अभियान में डीआरजी/बस्तर फाइटर्स, 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ और 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ का विशेष योगदान रहा।आत्मसमर्पित माओवादियों की सूची:जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी (23 वर्ष, पोमरा आरपीसी, सीएनएम सदस्य, 50,000 रुपये का इनाम)दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम (26 वर्ष, पोमरा आरपीसी, सीएनएम सदस्य, 50,000 रुपये का इनाम)भोजा राम माड़वी (48 वर्ष, बोदली आरपीसी, जनताना सरकार सदस्य)लखमा उर्फ सुती उर्फ लखन मरकाम (26 वर्ष, उतला आरपीसी, मिलिशिया सदस्य)रातू उर्फ ओठे कोवासी (25 वर्ष, बेचापाल आरपीसी, मूलवासी बचाओ मंच सदस्य)सुखराम पोड़ियाम (25 वर्ष, पल्लेवाया आरपीसी, करकावाड़ा जीआरडी सदस्य)पण्डरू राम पोड़ियाम (45 वर्ष, डुंगा आरपीसी, मिलिशिया सदस्य)निष्कर्ष
लोन वर्राटू अभियान और पुनर्वास नीति के सकारात्मक प्रभाव से दंतेवाड़ा जिले में नक्सलवाद का प्रभाव कम हो रहा है। यह अभियान भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।








