रायपुर।
छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट (द्वितीय संस्करण) के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में प्लांटेशन ड्राइव का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गीतों और लोक,फोक प्रस्तुतियों के साथ हुई, जिसने वातावरण को उत्साह और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।
यह पूरा कार्यक्रम पं. रविशुकर षुक्ल विष्वविद्यालय, VIBGYOR N.F. Foundation], महाराजा अग्रसेन इंटरनेषनल काॅलेज तथा आई.आई.टी. भिलाई के संयुक्त के संयुक्त प्रयासों के द्वारा छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट (द्वितीय संस्करण) का भव्य आयोजन किया जा रहा हैं। इस सामूहिक अभियान में कुल 150 पौधों का रोपण किया गया, जिनमें आम, जामुन, अमरुद, कटहल जैसे फलदार पौधे प्रमुख रूप से शामिल थे।
कार्यक्रम में माननीय कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल ने माता के नाम एक पौधा समर्पित और पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय जैव-विविधता तथा फलदार पौधों के सामाजिक-आर्थिक महत्व पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा किया। उन्होंने कहा “एक पौधा लगाना केवल प्रकृति संरक्षण नहीं, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों को दिया गया जीवन का उपहार है।”
इस अवसर पर पं. रविशुकर षुक्ल विष्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. शैलेन्द्र पटेल, ग्रीन समिट संयोजक प्रो. केशवकांत साहू, श्री शुखदीप चैधरी, अध्यक्ष VIBGYOR N.F. Foundation, डाॅ. जासमिन जोषी, प्राचार्य महाराजा अग्रसेन इंटरनेषनल काॅलेज, एनएसएस समन्वयक डॉ. एल.एस. गजपाल, प्रो. दीपेन्द्र सिंह, प्रो. अम्बर व्यास, डॉ. इन्द्रपाल, प्रो. मधुलता बारा, डॉ. गोविंद साहू तथा अन्य संकाय सदस्य, विद्यार्थी, एनएसएस स्वयंसेवक एवं साझेदार संस्थान उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण और निगरानी का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य- पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थी, समुदाय में जागरूकता बढ़ाना, विश्वविद्यालय में हरित और सतत विकास की दिशा में सामूहिक प्रयास को प्रोत्साहित करना, परंपरागत ज्ञान और आधुनिक पर्यावरणीय सोच का संतुलित समन्वय प्रस्तुत करना।
यह पौधारोपण कार्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा हरित और सतत भविष्य की ओर उठाया गया एक प्रभावशाली कदम साबित हुआ।
