*स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालना बंद करे भाजपा सरकार*
रायपुर/ प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर को अनिवार्य करना तुगलकी फरमान है।ये जनता के हित में नहीं, बल्कि बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर खुली लूट का लाइसेंस देने जैसा है। सरकार स्मार्ट मीटर को आधुनिक व्यवस्था और पारदर्शिता का नाम देकर अपनी नाकामियों और मनमानी को छिपाने की कोशिश कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जब सामान्य मीटर से बिजली की खपत की रीडिंग हो रही है, तो फिर स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता क्यों? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं से वास्तविक खपत क्यो छिपाई जा रही है? प्रदेश में पहले ही बिजली की बढ़ी दरों और भारी-भरकम बिलों से जनता परेशान है। अब स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं के ऊपर एक और बोझ डाला जा रहा है। जिस स्मार्ट मीटर की रीडिंग और सामान्य टेस्ट मीटर की रीडिंग में अंतर सामने आ रहा है, वह सरकार की स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार को बिजली कंपनियों और स्मार्ट मीटर के पीछे छिपकर जनता से वसूली को सह दे रही है?भाजपा जिस हिसाब से स्मार्ट मीटर का बचाव कर रही है दाल में कुछ काला नही बल्कि पूरी दाल काली है।स्मार्ट मीटर कम्पनी से भाजपा का कोई बड़ा डील हुआ है चंदे के रूप में मोटी रकम वसूली की गई है।अब भाजपा को दिए चंदे की वसूली हर महीना जनता से हो रही है।सरकार एक ओर महिलाओं को महतारी वंदन योजना से एक हजार रुपया देती है दूसरी ओर उन्ही महिलाओं के घर से बिजली बिल से 2 हजार 3 हजार 4 हजार रुपया बिजली बिल से वसूल रही है।



प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर भाजपा सरकार पहले कह रही थी कि उपभोक्ता की स्वेच्छा है स्मार्ट मीटर लगाना नही लगाना अब सरकार स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता पर मौन क्यो है?
स्मार्ट मीटर जनता के लिए स्मार्ट सुविधा नहीं बल्कि भाजपा सरकार की स्मार्ट लूट का माध्यम बन गया। काँग्रेस स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता एवं उपभोक्ताओं से लूट के खिलाफ स्मार्ट मीटर बदलों अभियान चला रही है।सरकार को हर हाल में स्मार्ट मीटर बदलना पड़ेगा।
