रायपुर । हमारी संस्कृति सबसे प्राचीन संस्कृति है।लोग इस संस्कृति को भूल रहे थे। भूले बिसरे स्मृति को लोग फिर से याद करे। इसी सोच के साथ सरकार ने यह आयोजन किया है । मैं सरकार को इसके लिए बधाई देती हू । उपरोक्त बातें लोक कलाकार श्रीमती ममता चंद्राकर ने शिवरीनारायण में आज से प्रारंभ हुई राज्य स्तरीय मानस गायन प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से संगीत सीख रहे बच्चों को एक मंच मिल रहा है। डिग्रीयां तो कई छात्र हासिल कर लेते है। लेकिन वे एक अच्छे कलाकार नहीं बन पाते है । मेरी शुरु से इच्छा रही है कि प्रतियोगिता में भाग ले रहे बच्चों को संगीत के क्षेत्र में उच्च स्तर पर लेकर जाऊं । उन्होंने कहा कि सरकार हमारी संस्कृति को इस आयोजन के माध्यम से ऊंचा उठाने का प्रयास कर रही है।
धर्म भी हमारी संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। सरकार इस आयोजन के माध्यम से उसे उठाने का प्रयास कर रही है तो यह सराहनीय पहल है ।
श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि जो भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे है,वे ग्राम से ब्लॉक और ब्लाक से तहसील स्तर को पार करते हुए इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहुचे है। वे अच्छी प्रस्तुति के साथ चयनित होकर यहाँ आये है। श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि हमारी धरती सदभावना की धरती है। इसे चारों दिशाओं में फैलाए और पहले की तरह देश में फिर से रामराज्य लाये ।






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