*क्या दुर्घटना के बाद अनुदान और मुआवजा ही भूपेश सरकार की शिक्षा नीति बन गया है – कोमल हुपेंडी,*
*प्रदेश के बच्चों के प्रति कांग्रेस और भाजपा की कैसी भयानक राजनीति आखिर क्यों?- आप*
आम आदमी पार्टी ने अपने ग्राम संवाद कार्यक्रम में पाया की प्रदेश के सभी जिले में प्राथमिक शालाओं में से अधिकतर जर्जर हालत में हैं। माध्यमिक शालाओं में भी कमोबेश यही हाल है और 8वीं तक क्लास नहीं लग पा रही है। ऐसे में बारिश के मौसम में ऐसे स्कूल और अतिरिक्त कक्षा या तो कहीं गोटूल, रंगमंच या झोपड़ियों में लग रहे हैं। प्रदेश में सभी जिले मे प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन अति जर्जर हो चुके हैं। इन स्कूल भवनों को कई जगह तो गिराने के लिए प्रस्ताव तक भेजा गया था. लेकिन मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में इन अति जर्जर स्कूलों से बच्चों को खतरा है। मरम्मत के अभाव में बारिश के दिनों में छत से पानी टपक रहा है और पानी कमरों में भर रहा है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाना और उनका पढ़ना अब यहां कठिन हो गया है।
प्रदेश में सभी स्कूलों के भवन अतिजर्जर तक हो गए है लेकिन मुख्यमंत्री महोदय सिर्फ एक बच्चे के लिए लाखो रुपए का अनुदान और इलाज के लिए सरकारी व्यय कर राजनीति में चेहरे चमकाने में व्यस्त है।बाकी प्रदेश में बच्चों की सुध कौन लेगा।
कोमल हुपेंडी ने हमलावर अंदाज में पूछा है कि आखिर प्रदेश के बाकी बच्चो की सुध कौन लेगा ? बहुत से स्कूल भी इसी वजह से अभी बंद है आखिर कब तक?
कोमल हुपेंडी ने आगे बताया कि पालकों ने अनेक स्थानों पर तालाबंदी की चेतावनी तक दे डाली है। गांवों में
प्राथमिक शाला भवन को कुछ वर्ष पहले जर्जर होने के चलते छात्र नहीं बैठ रहे थे अब उसी शाला भवन में छात्र बैठने को मजबूर है। इससे नाराज पालकों ने स्कूल में खुद से ताला लगाने की घोषणा कर सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को भी दे दी है।
प्रदेश के सभी जिलों से खबर के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने पाया कि जिले में करीब करीब शाला भवन जर्जर है। मरम्मत के लिए शासन से की मांग की गई है लेकिन अभी तक राशि नहीं मिली है और राशि मिलते मरम्मत होगी, लेकिन भूपेश सरकार राजनीति चमकाने हुए हर दिन नए स्कूल अलग अलग अंदाज में खोले जाने को मात्र घोषणा कर रहे है और जनता को गुमराह रहें है। आखिर क्यों ?






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प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है इसलिए पलकों ने ही स्कूल में ताला लगाने का फैसला लिया है।
कुछ जिले में शाला के प्रधान पाठक ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि स्कूल छत से फ्लास्टर गिरता रहता है,इसलिए छत के नीचे ग्रीन नेट लगा दिया गया है,लेकिन बारिश शुरू होते ही पूरा भवन टपकने लगता है।
जर्जर स्कूलों की मरमत के लिए डीएमएफ और अन्य मदों से जल्द जिले के सभी जर्जर स्कूलों की मरम्मत हो जायेगी सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे है ऐसे में बारिश के मौसम में यह स्कूल अतिरिक्त कक्ष में तो कहीं गोटूल, रंगमंच या झोपड़ियों में लग रहे हैं। प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन अति जर्जर हो चुके हैं।
भूपेश बघेल जी यदि पहले के स्कूल ही नही सुधार पा रहे है तो आप नए स्कूल की घोषणाएं क्यों कर रहे है सिर्फ वोट की राजनीति कब तक करेंगे गांव में स्कूल की हालत तो देख लीजिए । प्रदेश की भोली भाली जनता का भरोसा अब आप पर से उठ चुका है आप सिर्फ जनता को छल रहे है कांग्रेस भी बीजेपी की तरह ही प्रदेश वासियों को छल रही है अब आम आदमी पार्टी ऐसे हरगिज नहीं होने देगी और जनता की आवाज बन बच्चों की स्कूल सुविधा की लड़ाई लड़ेगी।
