रायपुर । एल्बम से लेकर फिल्मी सफर में अंजली चौहान का नाम कोई नया नही है साल 2007
में आई छत्तीसगढ़ी फिल्म कारी से छालीवुड में डेब्यू करने वाली अंजली चौहान का सफर फिल्मी दुनिया में भले ही धीरे चला लेकिन अपनी अदायकी की अपनी हर चरित्र को यादगार और स्थापित करते गई ।
अंजली बताती है कि थियेटर करते करते ही उन्हें कई एल्बम का ऑफर आया और फिर एल्बम करते करते ही पहली फिल्म कारी मिली जो 2006 में रिलीज हुईं अपने कुछ निजी कारणों से लगभग 10 साल फिल्म लाइन से दूर रहने वाली अंजली मनोज वर्मा निर्देशित फिल्म महू कुंवारा तहु कुंवारी से फिल्म जगत में दूसरी पारी की शुरूआत की । अंजली ने बताया कि अभी उनकी कुछ फिल्मे जैसे मैं दीया तै मोर बाती , मार डरे मया मा , सुन सुन मया के धुन ,चल हट कोनो देख लिहि जैसी फिल्में अभी बनकर तैयार है जिसका अभी रिलीज होना बाकी है इसी कड़ी में गोल्डन ड्रीम प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी फिल्म डार्लिंग प्यार झुकता नही में एक सॉफ्ट कैरेक्टर करती नजर आएंगी प्रणव झा जैसे बेहतरीन निर्देशक के निर्देशन में काम करना का अनुभव बहुत खास रहा ।
फिल्म की निर्मात्री भारती वर्मा है फिल्म 3 दिसंबर प्रदेश के 21 सिनेमाघरों में एकसाथ प्रदर्शन को तैयार है।
