रायपुर। भारतीय संस्कृति की मातृ-पितृ भक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना हमारा नैतिक दायित्व है। 14 फरवरी के दिन सभी बच्चे मातृ देवो भव, पितृ देवो भवः की पावन भावना से अपने माता-पिता का श्रद्धा व आदर सहित पूजन करेंगे। उनके कोमल मन पर शुभ संस्कार का ऐसा प्रभाव पड़ेगा जो उनके जीवन में उज्जवल चरित्र निर्माण की आधार शीला सिद्ध होगा।
पाश्चात्य जीवन शैली का अंधानुकरण टी.वी. चैनल, अश्लील चलचित्र, साहित्य व्यसन, अशुद्ध आहार-विहार व इंटरनेट पर दिए जा रहे नैतिक रूप घातक विज्ञापनों की वजह से दिन-प्रतिदिन बच्चों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक पतन हो रहा है। जिसके कारण उनका हौसला पस्त होता जा रहा है।
हर दिन नया हर रात निराली है।






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मां-बाप का प्यार मिले तोहर रोज दिवाली है।
साधक परिवार द्वारा 14 फरवरी मातृ-पितृ पूजन
दिवस का संदेश देता हुआ रिक्शा ध्वनि प्रसारण व पाम्पलेट द्वारा शहर में प्रचार-प्रसार करेगा। यह रिक्शा इस रायपुर जिले के सभी साधक को प्रचार-प्रसार करना हो तो यह रिक्शा निःशुल्क प्रदान किया जायेगा।
सम्पर्क करें – हरेश गोविंदानी, मो. 9425517091
मीडिया प्रभारी शोभराजमल ने जानकारी दी 12 फरवरी को रावणभाठा मैदान भाठागांव में शाम 4 बजे से मातृ-पितृ पूजन दिवस आयोजन व 14 फरवरी को मरीन ड्राईव तेलीबांधा (तालाब) में शाम 4 से रात्रि 10 बजे तक आयोजन किया जायेगा। जिसमें बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जाएगा। जिन भी बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेना हो तो 1 दिन पहले सम्पर्क करें- 9300212527
इस आयोजन में सिंधी समाज के वरिष्ठ शंकर लाल दानवानी साधक परिवार के अजय शर्मा, हरेश गोविंदानी, शोभराजमल, उमाशंकर साहू, डी.डी. साहू, शंकर लाल प्रेमचंदानी, एस.एल. श्रीमाली, राजू चांदवानी, सीताराम सोनी व सेवाधारी उपस्थित थे।
