रायपुर l एससीईआरटी में स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ध्वजारोहण स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी (IAS) के मुख्य अतिथि में किया गया l समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजीव कुमार झा (IAS) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे कार्यक्रम की अध्यक्षता एस सी ई आर टी व राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक श्री राजेंद्र कुमार कटारा ने की l
मुख्य अतिथि श्री परदेशी ने अपने उद्बोधन में हमारे भारत देश के विकास एवं प्रगति के विषय में पहले कहा कि – 75 वर्ष हमारे देश को स्वतंत्र होने पर अमृत महोत्सव हमने मनाया। उसके परिणाम आप सभी जानते हैं।
जब भारत देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगें तब विकसित भारत की परिकल्पना को हम सबको मिलकर साकार करना है। । वह केवल परिकल्पना ही नहीं बल्कि शिक्षा विभाग के सभी प्रबुद्ध वर्ग एक साथ बैठकर आदिवासी बाहुल्य पिछडा़ क्षेत्र को ध्यान में रखकर बनाना है। यह केवल कार्ययोजना ही नहीं बल्कि धरातल में उनके सोच को विकसित करने के लिए कार्य करना है। आज हम एस.सी.ई.आर.टी. और समग्र शिक्षा के सभी अधिकारी-कर्मचारी एक साथ बैठे हुए हैं तो हमारे सामने एक चैलेंज है, उसे मैं आज आप सबके साथ शेयर करना चाहूंगा। हम जिनके लिए काम करना चाहते हैं वो हमारे बच्चे और हम शासन और उनके बीच में महत्वपूर्ण शिक्षा की कड़ी होगी और जब तक हमारे शिक्षक मोटिवेट,होकर कुशलता और स्वप्रेरणा से बच्चों को पढ़ाएगें नहीं, तब तक हम वास्तविक रूप से बच्चों तक अपनी शिक्षा को पहँुचा नहीं पाएंगे। उसमें सबसे महत्वपूर्ण योगदान हमारे एस.सी.ई.आर.टी. का होगा। जब शिक्षकों का कुशल प्रशिक्षण संपन्न होगा तब सबसे प्रभावी बनंेगे। यह कार्य क्षमता विकसित करना हमारे विभाग का सबसे बड़ा चैलेंज है और सबसे बड़ी कार्ययोजना है। इसमें हमें दृढता के साथ निश्चय होकर कार्य करना है। जब तक हमारे शिक्षक उस विधा को अपनाएंगेे नहीं हैं तब तक हम सफल नहीं हांेगे। चाहे हम दिव्यांग बच्चे की बात करें या वनांचल क्षेत्र के बच्चें हों, चाहे हल्बी,गोड़ी सादरी में बात करें, जब तक हमारे शिक्षक बच्चों को अपना समझ कर उस सर्वांगीण विकास की नीति या ढंग से पढ़ाते नहीं हैं तब तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सफलतापूर्वक क्रियान्वित नहीं कर पाएंगे। इसमें आप सबका महत्वपूर्ण योगदान है।
जिनके नेतृत्व में विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन लिए कटिबद्ध हैं। हमने पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के पालक-शिक्षक सम्मेलन 6 अगस्त 2024 को आयोजित किया है। अगली 02 बैठकें और आयोजित करना है। पालकों और जनप्रति विधियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक
श्री संजीव झा ने-2047 में विकसित भारत बनाने के संबंध में कहा कि शिक्षा के विकास के लिए शासन ने विभिन्न महत्वपूर्ण नीतियाँ और योजनाएँ बनाई है परंतु उन योजनाओं को जब तक हम अपनी पूरी ऊर्जा और ताकत से एक संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाकर सतत रूप से बच्चों को लक्ष्य मानकर कार्य नहीं करेंगें तो हम धरातल पर अपना लक्ष्य पूरा करने में असफल हो जाएंगे इसलिए हमें पहले कार्य करना होगा और शासन हमारा साथ बढ़़़ चढ़कर निभाएगा। उन्होंने रामायण की एक प्रेरक कहानी भी बताई
एनसीईआरटी के डायरेक्टर श्री राजेंद्र कटारा ने कहा कि विद्या हमें नम्रता सिखाती है तो हम उतने ही विनम्र होते चले जाते है। जब तक जिन्दा है ताब तक हमें सतत सीखना है। यही असल बात है खुश रहने की। शिक्षकों को प्रशिक्षण अच्छे से देकर राज्य पाठ्यक्रम योजना तैयार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण लिया है और देश में अग्रणी रूप् से राज्य पाठ्यक्रम बालवाड़ी, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के बच्चों के लिए तैयार करना है
समारोह के प्रारंभ में अतिरिक्त संचालक
श्री जे.पी.रथ ने कहा कि हमें प्राचीन काल से आध्यात्मिक,सांस्कृतिक,ऐतिहासिक ज्ञान की विद्या हमारें ऋृषि,महर्षि,दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक तथा शिक्षा शास्त्रियों ने दी है। हमें आज उन प्राचीनतम शिक्षा और संस्कृति को नई शिक्षा नीति 2020 में पाठ्यक्रम में लागू किए जाने पर जोर दिया गया है जिसे हमें धरातल पर लाना है। समझ में b.Ed कॉलेज व डायट रायपुर के छात्रों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत की कार्यक्रम का संचालन राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रशांत पांडेय ने व सहायक प्राध्यापक श्री ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने व
आभार प्रदर्शन एससीईआरटी
के संयुक्त संचालक श्री के कुमार ने किया l इस अवसर पर संयुक्त संचालक वित्त श्रीमती श्रद्धा थवाईत उप संचालक पुष्पा किस पोटा दिव्या लकरा श्री राजेश सिंग सहित एस सीईआरटी b.Ed कॉलेज व डायट के अधिकारी और कर्मचारी v छात्र उपस्थित थे l








