. दंतेवाड़ा जिला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशानुसार जिला क्षय नियंत्रण एवं पिरामल फाउण्डेशन टीम के द्वारा संयुक्त रूप से विकासखण्ड गीदम अंतर्गत ग्राम पंचायत मड़से में युवोदय स्वयं सेवकों को निःक्षय निरामय 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान के तहत टीबी रोग के प्रति जागरूक किया गया।
जिला क्षय नियंत्रण एवं पिरामल टीम के द्वारा अभियान को सफल बनाने युवोदय स्वयं सेवकों को टीबी के लक्षण- दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम के साथ खुन आना, छाती में दर्द, शाम को बुखार आना, भूख न लगना , वजन कम होना, रात में पसीना आना की जानकारी दिया। साथ ही टीम के द्वारा बताया गया कि यह एक संक्रामक रोग है, हवा में सांस लेने वाले सभी प्राणियों को यह रोग हो सकता है, इसके बचाव के लिए भीड़ वाले जगहों में मास्क का उपयोग करना तथा लक्षण पाये जाने पर अविलम्ब नजदिकी स्वास्थ्य केन्द्र में निःशुल्क जांच कराने अपील किया। यह रोग मुख्यतः बीड़ी, तम्बाकु, सिगरेट, मदिरापान के सेवन, कुपोषण के शिकार, टीबी मरीज से लगातार सम्पर्क में होना, जिन्हे मधुमेह बीमारी हो, बच्चे एवं बुजूर्ग को अधिक संभावना होती है। निःशुल्क जांच एवं ईलाज की जानकारी साझा कर अपने क्षेत्र में संभावित लक्षण वाले ग्रामीण को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच हेतु रेफर करने अपील किया साथ ही टीबी मुक्त भारत बनाने शपथ ग्रहण कराया गया। जिसमें इस कार्यक्रम में जिला क्षय नियंत्रण टीम से मेघप्रकाश शेरपा पीपीएम समन्वयक, , पिरामल फाउण्डेशन से राजेश बघेल, जिला कार्यक्रम समन्वयक उपस्थित रहे।








