भारतीय वन्य जीवन संस्थान द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के तत्वाधान में दुर्गा महाविद्यालय के भूगोल विभाग,इको क्लब द्वारा अमृत धारा नदी उत्सव के अंतर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गया डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला विभाग अध्यक्ष भूगोल विभाग द्वारा नदियों का महत्व एवं संरक्षण पर व्याख्यान दिया कहा कि पतितोद्धारिणि जाह्नवि गङ्गे खण्डित गिरिवरमण्डित भङ्गे । भीष्म जननि हे मुनिवरकन्ये पतितनिवारिणि त्रिभुवन धन्ये ॥सभ्यतोदय का सीधा संबंध नदियों से है। नदियों को स्वच्छ रखना सबकी जिम्मेदारी नदियां हमारी प्यास बुझाती है। नदियों को हम पूजते हैं। इसलिए नदियों को स्वच्छ रखना हमारी जिम्मेदारी बनती है। नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए हमें प्लास्टिक की थैलियां, बोतल या अन्य सामग्री नदियों में या उनके किनारे नहीं फेंकना चाहिए। इससे कचरा उड़कर नदियों में चला जाता है। नदियों को साफ रखना चाहिए। नदियों में सिर्फ मिट्टी की ही मूर्तियां विसर्जित करनी चाहिए। मूर्तियों में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। उद्योगों का रसायन मिला पानी, सीवरेज का पानी नदियों में नहीं जाना चाहिए। मान्यता है कि गंगा पापों को धो देती है। इसलिए लोग शवों को नदी में बहा देते हैं। इससे नदी प्रदूषित हो जाती है। नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सभी को जागरूक होना होगा कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुनीता चंसोरिया ने कहा की नदियां प्राकृतिक संपदा के रूप में महत्वपूर्ण है वह प्राचीन सभ्यताओं के जीवन का आधार रही है नदियां जलवायु नियंत्रण में मदद करती हैं नदिया आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रमुख स्रोत है नदिया पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपने विचार रखें अंत में गवर्नमेंट कॉलेज गुढ़ियारी की डॉक्टर राजवंश कलसी मैडम द्वारा शपथ दिलाई गई कार्यक्रम में डॉक्टर जे के होता डॉक्टर संजी
व प्रमाणिक प्रोफेसर भूपेंद्र दुबे त्रिपाठी जी कुलेश्वर सर बालक दास विशेष रूप से उपस्थित रहे।
