किरंदुल की जनता की पुकार: बस स्टैंड, ट्रांसपोर्ट नगर और आबादी पट्टा की मांग फिर जोर पकड़ रही हैकिरंदुल में वर्षों पुरानी जनता की दो प्रमुख मांगें—बस स्टैंड/ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना और अतिक्रमित जमीनों पर आबादी पट्टा का समाधान—एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ये मांगें नई नहीं हैं, बल्कि दशकों से अनसुलझी हैं, और अब जनता की आवाज फिर से बुलंद हो रही है। नगरपालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने हाल ही में किरंदुल की जनता की ओर से सांसद महेश कश्यप को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इन दोनों समस्याओं के समाधान की मांग की गई।समस्याओं का जड़ से जायजाबस स्टैंड और ट्रांसपोर्ट नगर की कमी:
किरंदुल में भारी वाहनों जैसे बसों और ट्रकों के लिए पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते सड़कों पर अव्यवस्था, जाम और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए असुविधा का कारण है, बल्कि शहर के विकास में भी बाधा बन रहा है। एक व्यवस्थित बस स्टैंड और ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा भी बढ़ेगी।अतिक्रमित जमीनों पर आबादी पट्टा का मुद्दा:
किरंदुल की लगभग 90% आबादी पिछले 40-50 वर्षों से रेलवे, वन विभाग, नजूल या एनएमडीसी की लीज वाली जमीनों पर रह रही है। इनj
इन लोगों को बार-बार नोटिस (रेलवे, वन विभाग, एनएमडीसी, और अब नगरपालिका से) मिल रहे हैं, जिससे बुलडोजर कार्रवाई का डर बना हुआ है। लोग चाहते हैं कि इन नोटिसों का सिलसिला बंद हो और उन्हें स्थायी रूप से आबादी पट्टा दिया जाए, ताकि वे निश्चिंत होकर अपने घरों में रह सकें।
जनता की आवाज, सिद्दीकी की पहलनगरपालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने इन समस्याओं को गंभीरता से उठाया है और जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सांसद महेश कश्यप को ज्ञापन सौंपकर इन मांगों को तत्काल हल करने की मांग की। सिद्दीकी ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि उच्च प्रशासनिक और शासकीय स्तर तक इस मुद्दे को उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके नेतृत्व में किरंदुल की जनता को उम्मीद है कि उनकी मांगें अब सुनी जाएंगी।सांसद का आश्वासन, जनता का इंतजारसांसद महेश कश्यप ने ज्ञापन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया लेकिन सवाल यह है कि यह आश्वासन कब धरातल पर उतरेगा? किरंदुल की जनता ने शहर के विकास के लिए जो सपने संजोए हैं, वे कब पूरे होंगे? यह मांग बरसों पुरानी है, और अब तक कोई भी सरकार इस पर निर्णायक कदम नहीं उठा पाई है। जनता को अब ठोस समाधान की दरकार है, न कि केवल कागजी आश्वासनों की।जनहित में आगे की राहकिरंदुल की इन समस्याओं का समाधान न केवल स्थानीय लोगों के जीवन को सुगम बनाएगा, बल्कि शहर के समग्र विकास को भी गति देगा। बस स्टैंड और ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना से यातायात व्यवस्था दुरुस्त होगी, दुर्घटनाएं कम होंगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, आबादी पट्टा का प्रावधान हजारों परिवारों को सुरक्षित भविष्य देगा, जो बरसों से अनिश्चितता में जी रहे हैं।अपीलकिरंदुल की जनता और प्रशासन से अपील है कि इन मांगों को प्राथमिकता दी जाए। शासन-प्रशासन को चाहिए कि वह त्वरित और प्रभावी कदम उठाए, ताकि जनता का विश्वास बना रहे। बबलू सिद्दीकी जैसे जनप्रतिनिधियों की मेहनत और जनता की एकजुटता से यह उम्मीद जगी है कि किरंदुल का विकास अब रुक नहींेगा। अब समय है कि आश्वासनों को हकीकत में बदला जाए, ताकि किरंदुल की जनता को वह सम्मान और सुविधाएं मिलें, जिनके वे हकदार हैं।नोट: यह खबर किरंदुल के लोगों की आवाज को बुलंद करने और उनके हित में ठोस कार्रवाई की मांग को रेखांकित करती है। आइए, एकजुट होकर इस मांग को पूरा करें!






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